सच का सामना में सच्चे साबित हुए सलविंदर सिंह - Jansatta
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सच का सामना में सच्चे साबित हुए सलविंदर सिंह

पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में आइएनए सिंह की जांच कर रही थी और झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) और अन्य परीक्षण में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल नहीं मिला।

Author नई दिल्ली | January 24, 2016 1:47 AM
पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में आइएनए सिंह की जांच कर रही थी और झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) और अन्य परीक्षण में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल नहीं मिला। (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय जांच एजंसी (आइएनए) ने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह को संदेह मुक्त घोषित कर दिया है। पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में आइएनए सिंह की जांच कर रही थी और झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) और अन्य परीक्षण में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल नहीं मिला। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एजंसी एसपी रैंक के अधिकारी सिंह से पिछले 15 दिनों से अपने मुख्यालय में गहन पूछताछ कर रही है और उनके कई वैज्ञानिक परीक्षण भी किए गए हैं जिनमें लाई डिटेक्टर परीक्षण शामिल है।

उन्होंने बताया कि सिंह के कार्यालय, निवास और अमृतसर में उनके पैतृक स्थान सहित विभिन्न स्थानों पर छापों के दौरान कोई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद नहीं हुआ। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरम्यानी रात उनका अपहरण कर लिया था और इसके बाद की घटनाओं का क्रम निश्चित करने के लिए आइएनए ने सिंह से पूछताछ की।

एसपी ने दावा किया था कि उन आतंकवादियों ने उनका अपहरण किया था, जिन्होंने पठानकोट स्थित वायुसेना स्टेशन पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि पठानकोट और गुरदासपुर के सीमावर्ती जिलों में चल रहे मादक पदार्थों के गिरोह का हिस्सा होने के संदेह में एसपी जांच के घेरे में थे। उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने सिंह और उनके रसोइए को छोड़ दिया था लेकिन सिंह के जौहरी मित्र राजेश वर्मा को सड़क पर फेंकने के पहले उसका गला रेत दिया था। इससे संदेह और बढ़ गया था। पठानकोट स्थित वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादियों का हमला करीब 80 घंटे चला था, उस हमले में सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। जैश-ए-मोहम्मद समूह के चार आतंकवादियों के शव बरामद किए गए थे। समझा जाता है कि दो अन्य आतंकवादी उस इमारत में ही जल गए जहां वे मुठभेड़ के दौरान छिपे थे।

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