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पठानकोट हमला: सलविंदर के दोस्त और अन्य की होगी पॉलीग्राफ जांच

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह पर झूठ पकड़ने वाली मशीन से जांच करने के बाद एनआइए अब उनके जौहरी दोस्त सहित दो अन्य की यह जांच कराएगी।

नई दिल्ली | January 25, 2016 2:08 AM
पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में आइएनए सिंह की जांच कर रही थी और झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) और अन्य परीक्षण में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल नहीं मिला। (फाइल फोटो)

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह पर झूठ पकड़ने वाली मशीन से जांच करने के बाद एनआइए अब उनके जौहरी दोस्त सहित दो अन्य की यह जांच कराएगी जिन्हें संदिग्ध जेईएम आतंकियों ने पठानकोट वायुसेना केंद्र पर हमले के पहले अगवा कर लिया था। उस दरगाह की देखरेख करने वाले सेवादार का भी पालिग्राफ टेस्ट होगा जहां जाने का दावा सलविंदर ने किया है। एनआइए सूत्रों ने बताया कि सिंह को पाक साफ बताए जाने के बाद अब उनके जौहरी दोस्त राजेश वर्मा, रसोइया मदन गोपाल और पंज पीर दरगाह की देखरेख करने वाले सोमराज की इस सप्ताह जांच कराई जाएगी। एक पखवाड़े तक आतंकी हमलों के पहले के घटनाक्रम के बारे में सिंह से पूछताछ की गई और विभिन्न तरह की जांच की गई। अन्य तीन के पोलिग्राफ जांच में कुछ नया आने पर उन्हें फिर से बुलाया जा सकता है। बहरहाल, हमले की जांच कर रही एनआइए ने कहा कि आतंकियों में से कम से कम कुछ एक जनवरी की सुबह ही वायु सेना केंद्र के भीतर बने एक शेड में छुप गए थे। आतंक रोधी एजंसी इसकी जांच कर रही है कि क्या सामरिक रूप से महत्त्वपूर्ण केंद्र के भीतर जाने में किसी ने उनकी मदद की थी।

हमले के साजिशकर्ताओं की पहली कॉल एक जनवरी को नौ बजे सुबह पकड़ी गई जिसमें एक आतंकवादी ने पाकिस्तान में रावलकोट के निकट कहीं अपने आकाओं से कहा कि वे कैंप के भीतर घुस गए हैं जिससे सुरक्षा केंद्र के भीतर अफरातफरी मच गई। इसके ठीक बाद वायुसेना स्टेशन, सेना और पंजाब पुलिस के केंद्रों सहित सभी कैंपों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक 27 जुलाई को दीनानगर थाना पर हमले में संलिप्त आतंकवादी के पास से बरामद प्री इंटर्ड जीपीएस पोजिशन के मुताबिक पठानकोट में सेना के केंद्र की तरफ बढ़ना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जांच का फोकस अब इस पर केंद्रित हो गया है कि बेस के भीतर से क्या आतंकवादियों को मदद मुहैया कराई गई क्योंकि वस्तुत: उन्हें पता था कि सैन्य इंजीनियरिंग सेवा से जुड़ा कौन सा शेड खाली है। आतंकवादी बेस में एक तरफ से दूसरी तरफ जिस आसानी से गए, उससे यह भी पता चलता है कि या तो उन्हें वायु सेना बेस के भौगोलिक क्षेत्र की जानकारी थी या उन्हें बताया गया था।

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