मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस ने दो पादरियों और उनके साथियों के खिलाफ धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज किया है। उनपर आरोप है कि ये सभी मोहनपुर खुर्द गांव में ‘प्रार्थना से इलाज’ के नाम पर लोगों को बहलाकर उनका धर्म बदलवा रहे थे। म्याना पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद पादरी उत्तम बरेला और विकास बरेला के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब करोद गांव के रहने वाले बृजेश बैरागी नाम के एक शिकायतकर्ता ने इस महीने की शुरुआत में यह घटना देखने के बाद पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने किया मामला दर्ज

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने इस मामले में उत्तम बरेला को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता गुना में एक राइट-विंग ग्रुप का सदस्य है। हम मामले की जांच कर रहे हैं।”

कर रहे थे कैंसर के ठीक होने का दावा

अपनी शिकायत में बृजेश बैरागी ने कहा कि 5 अप्रैल को मोहनपुर खुर्द से गुज़रते समय उन्हें एक टेंट में एक बड़ी भीड़ दिखी। यहां एक ‘प्रार्थना सभा’ चल रही थी। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने आरोप लगाया कि पादरी लोगों के सिर पर हाथ रख रहे थे, रस्में कर रहे थे, और दावा कर रहे थे कि ईसाई धर्म में विश्वास के ज़रिए कैंसर सहित गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश पुलिस ने कहा कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आदिवासी गांववालों को मेडिकल इलाज और पैसे की मदद का लालच दिया जा रहा था। वहां मौजूद लोगों को कथित तौर पर चेतावनी दी गई थी कि धर्म बदलने से मना करने पर उनकी बीमारियां लाइलाज रहेंगी और उन्हें हमेशा तकलीफ उठानी पड़ेगी। आरोपियों ने कथित तौर पर गांववालों को भरोसा दिलाया कि धर्म बदलने के लिए उन्हें अपना नाम या जाति बदलने की जरूरत नहीं होगी, जिससे वे सरकारी फायदे लेते रहेंगे।

सभा में परोसा गया था मीट और चिकन

पुलिस अधिकारी ने कहा, “FIR में यह भी बताया गया है कि सभा में बड़ी मात्रा में मीट और चिकन परोसा गया था, जिसका इस्तेमाल शिकायत करने वाले के अनुसार, वहां मौजूद लोगों को लुभाने के लिए लालच के तौर पर किया गया था।”

जांच करने वालों ने कहा कि ऑनलाइन सामने आए इवेंट के कथित वीडियो और साइट से ज़ब्त किए गए सामान को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जांच टीम यह देख रही है कि क्या गांव के इलाकों में ऐसे इवेंट आयोजित करने में कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपियों का पता लगाया जा रहा है और मौजूद सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अंधविश्वास को बढ़ावा देने या लालच या ज़बरदस्ती से धर्म बदलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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एक व्यक्ति अपनी पत्नी के गर्भपात के लिए कार कंपनी Maruti Suzuki India Limited से 200 करोड़ रुपये मुआवजा मांग रहा था। सुनवाई के दौरान शख्स अपने मृत भ्रूण को अदालत में लेकर गया और जज के सामने रख दिया। पढ़ें पूरी खबर