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संसदीय पैनल ने चेन्नई बाढ़ पर केंद्रीय गृह सचिव की दलीलें की खारिज

एक संसदीय पैनल ने केंद्रीय गृह सचिव राजीव महिर्षि की यह दलील खारिज कर दी है कि चेन्नई की बाढ़ जैसी आपदा के लिए तैयारी नहीं हो सकती है जो 100 साल में एक बार आती है।

Author नई दिल्ली | August 21, 2016 11:16 PM
चेन्नई में बाढ़ के पानी में डूबी झोपड़ी। (पीटीआई फाइल फोटो)

एक संसदीय पैनल ने केंद्रीय गृह सचिव राजीव महिर्षि की यह दलील खारिज कर दी है कि चेन्नई की बाढ़ जैसी आपदा के लिए तैयारी नहीं हो सकती है जो 100 साल में एक बार आती है। गृहविभाग से संबद्ध संसदीय स्थायी समिति ने ‘चेन्नई में आपदा’ पर अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंपी है जिसमें उसने जोरदार सिफारिश की है कि गृहमंत्रालय को अपनी अधीनस्थ संबंधित एजेंसियों के माध्यम से अपनी आपदा तैयारी मजबूत करे। चेन्नई में भयंकर वर्षा से बाढ़ आ गयी थी। कांग्रेस सांसद पी भट्टाचार्य की अगुवाई वाली समिति के सामने पेश होते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने कहा था, ‘‘वैसी आपदा के लिए कोई तैयारी नहीं हो सकती जो सौ साल में एक बार आती है क्योंकि आपदा के लिए तैयारी की लागत बहुत ज्यादा होगी।’’

पैनल ने कहा कि उसे यह दलील हजम नहीं हुई कि चूंकि वर्षा अप्रत्याशित थी और सौ साल के औसत से भी अधिक थी तो नुकसान भी ज्यादा हुआ। उसने कहा, ‘‘समिति की राय में बड़ी तीव्रता वाली किसी भी प्राकृतिक आपदा में नुकसान की प्रवृति होती है। ऐसे में प्रकृति पर दोषारोपण करने के बजाय हमें उससे मुकाबला करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहिए।’’

समिति ने सुझाव दिया कि मानक संभाव्यता सूचकांक विकसित कर सभी महत्वपूर्ण शहरों का आपदा मानचित्र तैयार करने के लिए अलग से कदम उठाया जाना चाहिए ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो। उसने 198 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘इसके अलावा, केंद्र और राज्य दोनों के प्रशासन को मिलकर काम करना चाहिए तथा स्थिति से निबटने के लिए चौकस रहना चाहिए।’’

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