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5 साल के बच्‍चे के साथ मां-बाप ने 12वीं मंजिल से कूद कर दे दी जान, चिट्ठी छोड़ी- कर्ज से परेशान थे

पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा का कहना है कि उन लोगों को मृत शख्स के कपड़े की जेब से एक चिट्ठी मिली है, जो सुसाइड नोट है। चिट्ठी में साफ लिखा है कि वे कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे, जिससे वे अक्सर परेशान रहते थे।

सूरत में दंपति ने अपने बच्चे के साथ इसी इमारत से कूद कर खुदकुशी कर ली थी। (फोटोः एएनआई)

गुजरात में एक दंपत्ति ने अपने पांच साल के बच्चे के साथ खुदकुशी कर ली। यहां सूरत के सरथाना जकत नाका इलाके में दंपत्ति ने एक रियाहशी इमारत की 12वीं मंजिल से बच्चे के साथ कूद कर जान दे दी थी। यह घटना बुधवार (28 फरवरी) की बताई जा रही है। दंपत्ति ने यह कदम इसलिए उठाया, क्योंकि वे कर्ज के परेशान थे। यह खुलासा पुलिस ने अपनी छानबीन के आधार पर किया है। कपड़ा कारोबारी और क्रेडिट सोसाइटी के फाउंडर चेयरमैन विजय चतुर भाई वघासिया (35) यहां योगी चौक इलाके में मैजिस्टिका हाइट्स अपार्टमेंट में पत्नी रेखा और बेटे वीर के साथ रहते थे। 28 फरवरी को वह पत्नी और बेटे को लेकर 12वीं मंजिल पर पहुंचे, जहां एक दीवार थी। दीवार फांदने के लिए विजय नीचे से कुर्सी लेकर आए। फिर तीनों वहां से कूद गए।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा का कहना है कि पुलिस को घटनास्थल से तीनों की लाश खून से सनी मिली थी। उन लोगों को विजय की जेब से एक चिट्ठी मिली है, जो सुसाइड नोट है। चिट्ठी में साफ लिखा है कि दंपत्ति आर्थिक संकट झेल रहा था। वे कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे। इससे वे अक्सर परेशान रहते थे।

कारोबारी ने बीते महीने सवा करोड़ का एक फ्लैट खरीदा था, जिसके लिए उन्होंने 70 लाख रुपए का लोन लिया था। ऐसे में, पुलिस मान कर चल रही है कि दंपत्ति ने यह कदम आर्थिक संकट के चलते उठाया। नोट में आगे यह भी लिखा है कि उनकी आत्महत्या के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है। उनकी अपील है कि किसी को भी इसके लिए न परेशान किया जाए। चिट्ठी में लिखा है कि मैं अपने घरवालों को कुछ न दे सका, जिसका मुझे खेद है। पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

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