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झारखंड : कल्याण मंत्री के आवास के बाहर पारा शिक्षक की मौत, 22 दिन से दे रहे थे धरना

25 नवंबर से राज्य की समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी के हथियापाथर स्थित निजी आवास के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास (35) की रविवार सुबह मौत हो गई। माना जा रहा है कि उनकी मौत ठंड की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

25 नवंबर से राज्य की समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी के हथियापाथर स्थित निजी आवास के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास (35) की रविवार सुबह मौत हो गई। अन्य शिक्षकों ने बताया कि कंचन का पूरा शरीर अकड़ा हुआ था। माना जा रहा है कि उनकी मौत ठंड की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

धरनास्थल पर ही सोते हैं 6-7 पारा शिक्षक

कंचन कुमार दास दुमका के नोनीहाट के भदवारी गांव के रहने वाले थे। वे रामगढ़ प्रखंड के भातुड़िया पंचायत के चीनाडंगाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 2005 से कार्यरत थे। 25 नवंबर से वे मंत्री आवास के सामने धरना पर बैठे थे। यहां रोजाना रात के वक्त 6-7 पारा शिक्षक धरनास्थल पर ही सोते हैं।

नाक से निकल रहा था खून
शनिवार रात कंचन भी अपने 10-12 साथियों के साथ सोए थे। सुबह सात बजे सभी साथी उठ गए, लेकिन वे नहीं उठे। उनकी नाक से खून निकल रहा था। यह देख साथियों ने एम्बुलेंस को फोन किया और उन्हें सदर अस्पताल ले गए। डॉक्टर दिलीप भगत ने कंचन को मृत घोषित कर दिया।

25 लाख मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग
कंचन की मौत की खबर से पारा शिक्षक आक्रोशित हो गए। उन्होंने पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री व शिक्षा मंत्री को हत्यारा बताते हुए जमकर नारेबाजी की। पारा शिक्षक शव को मंत्री आवास के सामने रखकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पारा शिक्षकों ने शहर में शवयात्रा निकाली। पारा शिक्षकों ने कंचन के आश्रितों को 25 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।

मंत्री आवास और सदर अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा
मामले की जानकारी मिलते ही मंत्री आवास और सदर अस्पताल के पास पुलिस फोर्स तैनात की गई। पोस्टमॉर्टम के बाद पारा शिक्षक साथी के शव को मंत्री आवास के सामने रखकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन एसडीओ राकेश कुमार ने इसकी अनुमति नहीं दी। नाराज पारा शिक्षकों ने एम्बुलेंस में शव रखकर शहर में शवयात्रा निकाली।

 

झामुमो सांसद ने दी श्रद्धांजलि
शव को यज्ञ मैदान में रखा गया, जहां राजमहल से झामुमो सांसद विजय हांसदा, कांग्रेस, झाविमो, झामुमो के जिलाध्यक्षों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव को पुलिस ने सुरक्षा घेरे में लेकर घर तक पहुंचाया। मुफस्सिल थाना के पुलिस निरीक्षक केके सिंह ने बताया कि अभी तक कंचन के परिजनों की ओर से किसी तरह का आवेदन नहीं मिला है। ठंड लगने से ही मौत होने की बात सामने आ रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी। सदर अस्पताल के डॉक्टर दिलीप कुमार भगत ने बताया कि जिस समय कंचन को अस्पताल लाया गया, उनकी मौत हो चुकी थी। जब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत की असली वजह ठंड है।

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