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लालू-नीतीश ने दलितों और अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल किया : पप्पू यादव

जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और सांसद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर दलितों और अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

Author नई दिल्ली | June 7, 2016 2:43 AM
जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव (पीटीआई फाइल फोटो)

जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और सांसद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर दलितों और अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जीतन राम मांझी, रघुवंश प्रसाद सिंह, तस्लीमुद्दीन और अन्य नेताओं को एक मंच आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मंच का नेतृत्व आल इंडिया मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआइएमपीएलबी) के महासचिव मौलाना वली रहमानी को करना चाहिए।

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि आज देश खासतौर पर राजनीति में लोकतांत्रिक मूल्यों में बेहद गिरावट आई है। यह परिवारवाद और तानाशाही के रूप में बदल गया है। विभिन्न दलों में जमीनी कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा हो रही है। इसका उदाहरण राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जद (एकी) में कार्यकर्ताओं का कोई स्थान नहीं है। ऐसे किसी व्यक्ति को आगे नहीं बढ़ाया जाता है, जो मजबूत हो और उनके समक्ष अपनी बात को रख सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की पार्टी में दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं की कोई हैसियत नहीं है। सवर्ण वर्ग के नेताओं को कांटा समझा जाता है। इसका उदाहण है कि राजद और जद (एकी) ने राज्यसभा में किसी अल्पसंख्यक को नहीं भेजा और रघुवंश प्रसाद सिंह घोर उपेक्षा के शिकार हैं।

राजद से निष्काषित सांसद ने कहा, ‘ऐसी परिस्थिति में मेरा मानना है कि जीतन राम मांझी, रघुवंश प्रसाद सिंह, तस्लीमुद्दीन समेत विभिन्न नेता एक मंच पर साथ आएं और आल इंडिया मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी इसका नेतृत्व करें।’ उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि अभी तक विभिन्न नेताओं ने दलितों और अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि जीतन राम मांझी, तस्लीमुद्दीन, रघुवंश प्रसाद सिंह जैसे लोगों को साथ आना चाहिए। कब तक भाजपा का भय दिखाकर लालू, नीतीश के अनुयायी बने रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बिहार की तरक्की देखना है तब जातपात को त्यागना होगा। एक ऐसे मार्चे की जरूरत होगी जो सही अर्थों में दलितों, अल्पसंख्यकों, कमजोर वर्गों समेत समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चल सके। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मुफ्त में बिजली, पानी, वाई फाई का वादा करने वाले केजरीवाल सत्ता में आ गए। लेकिन जनता परेशान है। जनता की जरूरतों को पूरा नहीं किया जा रहा है और केवल अखबारों में बड़े बड़े इश्तेहार सामने आ रहे हैं। जनता समझती है और अब इनके झांसे में नहीं आएगी। एमसीडी उपचुनाव इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दलितों और अल्पसंख्यकों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

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