लखनऊ के अलीगंज में तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में मारे गए छात्र-छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार किंग जॉज मेडिकल यूनिवर्सिटी के शवगृह के बाहर रो रहे हैं और अपने प्रियजनों के साथ हुई आखिरी फोन कॉल को याद कर रहे हैं, जिसमें वे जान बचाने की गुहार लगा रहे थे।
पीड़ितों में से एक 23 वर्षीय सुखमनी सिंह भी थे, जो एक गेम डिजाइनर थे और इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित एक ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर में पढ़ाते थे। उनके पिता प्रभाजोत सिंह ने अपने बेटे के आखिरी कॉल को याद किया, जो करीब 2 बजे आया था, उसमें सुखमनी रो-रो मदद की गुहार लगा रहा था और कहा, ‘पापा मुझे बचा लो’। उसने अपने पिता प्रभाजोत को बताया कि वहां बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
हम फंस गए हैं, हमें बचाओ- पीड़ित ने फोन पर रिश्तेदार से कहा
एक और पीड़ित, जॉयनील चक्रवर्ती (27) भी लखनऊ के उसी सेंटर में काम करते थे। उनके रिश्तेदार विश्वनाथ सरकार ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में रहने वाली अपनी आंटी को दोपहर करीब 2 बजे फोन किया और वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे।
उन्होंने कहा, “जॉयनील ने हड़बड़ाहट में दोपहर करीब 2 बजे अपनी आंटी को फोन किया। चाची, हम फंस गए हैं, किसी तरह बचाओ।”
रिश्तेदारों ने बताया कि वे दोपहर करीब 3 बजे वहाँ पहुँचे थे और उनका मानना है कि अगर दीवार तोड़ने का फैसला पहले लिया गया होता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। विश्वजीत ने कहा, “उन्होंने हमारे सामने ही दीवार तोड़ी। उस समय हम जॉयनील से फोन पर बात कर रहे थे।”
तीसरे पीड़ित की पहचान सूरज सिंह के तौर पर हुई, जो उसी सेंटर में काम करता था और जॉयनील के साथ रहता था। विश्वजीत ने बताया कि सूरज के माता-पिता से संपर्क नहीं हो सका क्योंकि उनके फोन बंद थे।
अब 14 पीड़ितों की हो चुकी है पहचान
अब तक 14 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है जिनके नाम जॉयनील, शाहजान, मोहम्मद अब्दुल, संयम, सागर, नीलेश, आदित्य, अनामिका, मोहम्मद अम्मार, सूरज शाह, भविष्य, सुखमनी, ज्योति, सुमाल्य और अनुचा हैं।
24 लोगों को अस्पताल लाया गया- KGMU की वाइस-चांसलर
KGMU की वाइस-चांसलर सोनिया नित्यानंद ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि 24 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 15 को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया। “शवों पर चोट के कोई निशान नहीं थे… सभी की मौत दम घुटने से हुई। पोस्टमार्टम किया जा रहा है।”
घटना की चश्मदीद गवाह और 25 साल के पीड़ित आदित्य श्रीवास्तव की मां, कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने लड़के-लड़कियों को ड्रेनेज पाइप के जरिए बिल्डिंग से भागने की कोशिश करते देखा।
उन्होंने कहा, “मेरे बेटे के दोस्त तो कूद गए, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाया। हमारी उससे आखिरी बातचीत दोपहर करीब 1 बजे हुई थी।”
उन्होंने बताया कि आदित्य ने करीब डेढ़ महीने पहले ही एनिमेशन सेंटर में 9,000 रुपये की सैलरी पर काम करना शुरू किया था। यह सवाल उठाते हुए कि इस सेंटर को चलाने की इजाजत कैसे मिली। उन्होंने कहा, “मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि बिना सही वेंटिलेशन और बाहर निकलने के रास्ते के, ऐसी जगह को काम करने का लाइसेंस कैसे दिया गया।”
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Lucknow Fire Today News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई है। बताया जा रहा कि कोचिंग सेंटर में कुछ लोग अभी भी फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग बुझाने और बचाव का काम जारी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
