पंचकूला में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं हर वर्ष बड़ी संख्या में दर्ज हो रही है, लेकिन मुआवजा पाने के लिए आगे आने वाले पीड़ितों की संख्या गिनती की है। नागरिक अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में पंचकूला में ऐसे 14,230 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक हैं। वर्ष 2024 में यह संख्या 10,875 और 2023 में 10,161 थी। इसके बावजूद जब हरियाणा सरकार की ओर से मुआवजा देने के प्रावधान के तहत जिला स्तरीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई, तो उसमें मात्र नौ आवेदक उपस्थित हुए।
काटने पर मुआवजे का प्रावधान जोड़ा
यह स्थिति सरकारी योजना और जमीनी हकीकत के बीच गहरी दूरी को दर्शाती है। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के दूसरे चरण में संशोधन करते हुए आवारा कुत्ते के काटने पर मुआवजे का प्रावधान जोड़ा। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद सितंबर 2025 में इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई।
योजना के अनुसार कुत्ते के एक दांत के निशान पर दस हजार रुपए तथा 0.2 सेंटीमीटर से अधिक गहरे घाव पर 20 हजार रुपए मुआवजा दिया जाता है। पूर्व की योजना में केवल 1.80 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को लाभ मिलता था और उसमें कुत्ते के काटने पर कोई प्रावधान नहीं था। उपायुक्त सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित पहली जिला-स्तरीय बैठक में मात्र नौ आवेदन प्राप्त होना प्रशासन के लिए भी चिंतन का विषय बना। प्राप्त आवेदनों को भी कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता के अभाव में वापस भेजा गया।
योजना को लेकर भ्रम की स्थिति
जानकारों के अनुसार योजना के प्रति जागरूकता का सबसे बड़ा कारण है। अधिकांश पीड़ितों को मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन होने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और प्राथमिकी दर्ज कराने जैसी शर्तों के कारण भी लोग आगे नहीं आ पा रहे हैं। प्राथमिकी किसके विरुद्ध दर्ज हो, यह भी एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है, क्योंकि मामला आवारा कुत्तों से जुड़ा होता है। आय सीमा को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने कहा कि यह पहली बैठक थी और सभी बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद पात्र पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मत है कि योजना का लाभ तभी संभव है जब अस्पतालों और स्थानीय निकायों के स्तर पर पीड़ितों को तुरंत जानकारी दी जाए।
ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पंचकूला में प्रतिदिन औसतन 39 लोग कुत्तों के काटने से घायल हो रहे हैं। ऐसे में मुआवजा योजना पीड़ितों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है।
