हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी) ने पंचकूला नगर निगम की करीब 150 करोड़ रुपये की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) में कथित गड़बड़ी के मामले में पहली गिरफ्तारी की है। गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार ब्यूरो ने कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन ग्राहक संबंध प्रबंधक दिलीप कुमार राघव को बुधवार को गिरफ्तार किया। आरोपी राघव ने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर नगर निगम को एफडीआर के संबंध में फर्जी रपट भेजी थी।

नगर निगम का दावा है कि उसके आधिकारिक रिकॉर्ड और कोटक महिंद्रा बैंक के रिकॉर्ड में 150 करोड़ रुपये का भारी अंतर है। दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने कहा है कि अब तक की जांच के अनुसार सभी लेनदेन बैंकिंग नियमों के तहत हुए हैं। बैंक ने स्वयं भी पंचकूला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और वह जांच में सहयोग कर रहा है।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, नगर निगम के दस्तावेजों में 16 सावधि जमा रसीदों के रूप में 145 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा थी, जिसकी परिपक्वता राशि 158 करोड़ रुपए से ज्यादा होनी चाहिए थी। हालांकि, बैंक विवरण के अनुसार खाते में अपेक्षित 50 करोड़ रुपये के बजाय केवल 2.17 करोड़ रुपये ही दर्ज थे। बाद में बैंक ने शेष राशि 12.85 करोड़ रुपये बताई, जो निगम के आंकड़ों से मेल नहीं खाती।

यह सुनियोजित घोटाला, उच्च स्तरीय जांच हो: चंद्रमोहन

कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में हरियाणा सरकार को एक अप्रैल तक सख्त कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी। पंचकूला से कांग्रेस विधायक चौधरी चंद्रमोहन ने गुरुवार को कहा कि: “यह मामला साधारण वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि एक सुनियोजित घोटाला है जिसमें उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। यह खाते केवल पंचकूला तक ही सीमित नहीं थे बल्कि चंडीगढ़ में भी खोले गए थे। इतनी बड़ी संख्या में खाते खोला जाना यह साबित करता है कि यह सब पहले से सोची-समझी योजना के तहत किया गया था।”

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हरियाणा में सरकारी धन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में घोटाले के एक माह बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक में पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपए के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से नगर निगम पंचकूला के लगभग 150 करोड़ रुपए की राशि की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) में हेर-फेर किया गया है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद हरियाणा सरकार ने पूरे मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसडब्ल्यू-एसीबी) को सौंप दी है। पूरी खबर पढ़ें…