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‘साम-दाम-दंड-भेद, किसी तरह चुनाव जीतो’ सीएम देवेंद्र फडणवीस का कथित ऑडियो शिवसेना ने किया जारी

भाजपा ने जहां राजेन्द्र गवित को टिकट देकर उप-चुनाव में उतारा है, वहीं शिवसेना ने चिंतामणि वांगा के बेटे श्रीनिवास वांगा को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनाव में खड़ा कर दिया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (express photo)

28 मई को महाराष्ट्र में पालघर और गोदिया भंडारा लोकसभी सीट पर उप-चुनाव होने हैं। इनमें से सबसे ज्यादा चर्चा पालघर लोकसभा चुनाव की है। दरअसल इस सीट पर एनडीए की सहयोगी पार्टियां भाजपा और शिवसेना आमने-सामने आ गई हैं। यही वजह है कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए कोई भी पार्टी इस चुनाव में ढिलाई नहीं बरतना चाहती और अपने आप को आगे रखना चाहती है। पालघर चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और शिवसेना के बीच जमकर जुबानी जंग देखने के मिली है। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें फड़नवीस साम-दाम-दंड-भेद यानि कि किसी भी तरीके से पालघर चुनाव जीतने की बात अपने कार्यकर्ताओं से कहते सुनाई दे रहे हैं।

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस का यह ऑडियो लोगों को सुनाया। उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर वोटों को खरीदने के लिए पैसे बांटने का भी आरोप लगाया है। बता दें कि इस ऑडियो में देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा कार्यकर्ता से कहा कि ‘मैं आपसे विनती करता हूं कि ये चुनाव नहीं बल्कि प्रचंड लड़ाई है। जिसके खून में भाजपा है, वो चुप नहीं बैठ सकता। हमें विश्वासघात करने वालों को जवाब देना है ताकि उन्हें पता चले कि भाजपा क्या है। हमें किसी भी तरह से यह चुनाव जीतना है। साम, दाम, दंड, भेद। जैसे भी चुनाव जीतकर विश्वासघातियों को जवाब देना है।’ बता दें कि पालघर सीट पर भाजपा सांसद चिंतामणि वांगा की मौत के बाद उप-चुनाव कराए जा रहे हैं। भाजपा ने जहां राजेन्द्र गवित को टिकट देकर उप-चुनाव में उतारा है, वहीं शिवसेना ने चिंतामणि वांगा के बेटे श्रीनिवास वांगा को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनाव में खड़ा कर दिया है। जिस पर भाजपा, शिवसेना पर विश्वासघात का आरोप लगा रही है।

पालघर सीट पर उत्तर भारतीयों की तादाद काफी ज्यादा है, जिसके दम पर भाजपा इस सीट पर जीत का दम भर रही है। इसी के चलते भाजपा ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी इस सीट पर चुनाव प्रचार में लगाया था। वहीं दूसरी तरफ शिवसेना को लोगों की सहानुभूति मिलने की उम्मीद है। हाल ही में एक चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ ने शिवसेना पर जमकर निशाना साधा था। जिसके जवाब में उद्धव ठाकरे ने योगी आदित्यनाथ को बाहरी करार देकर उन पर अपनी ही सीट गोरखपुर हारने का तंज कसा था।

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