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प्रेमिका के लिए पाकिस्तान गए हामिद अंसारी ने लौटकर कहा- फेसबुक पर कभी न करें प्यार, दी ये 3 हिदायत

मुंबई एयरपोर्ट पर हामिद ने मीडिया से कहा- फेसबुक पर प्यार नहीं करना।

हामिद निहाल अंसारी, फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

पाकिस्तानी जेल में 6 साल बिताने के बाद हामिद निहाल अंसारी भारत लौट चुके हैं। जिसके बाद आज वो महाराष्ट्र में अपने घर पहुंचे जहां परिवार और दोस्तों ने उनका जमकर स्वागत किया। मुंबई एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से कहा- मैं अपने परिवार के साथ जश्न मनाना चाहता हूं। मैं इसके बाद नौकरी करूंगा और बाद में शादी करके सेटल हो जाउंगा। इसके साथ ही हामिद ने कहा कि फेसबुक पर प्यार नहीं करना।

अंसारी ने बताए ये तीन सबक
अंसारी ने बताया कि उसे पिछले 6 सालों में तीन सबक मिले हैं। जिसमें शामिल है कि फेसबुक पर किसी का भी भरोसा मत करो, अपने माता-पिता से झूठ मत बोलो और अपनी सरकार पर भरोसा रखो। जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान की जेल में उन्हें किस तरह की यातना का सामना करना पड़ा तो उन्होंने कहा कि वह पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहते और जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं।

कौन हैं हामिद निहाल अंसारी
33 साल के हामिद निहाल अंसारी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। इनको पाकिस्तान में 2012 में कथित तौर पर अफगानिस्तान के जरिए अवैध रूप से उसके यहां प्रवेश करने पर गिरफ्तार किया गया था। अंसारी वहां एक लड़की से मिलने के लिए पहुंचे थे जिससे उनकी मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने उन पर जासूसी का आरोप लगाया था।

तकलीफ में थी लड़की
अंसारी ने कहा कि वो उस लड़की से मिलना चाहते थे क्योंकि वो तकलीफ में थे। उन्होंने कहा- उसने मुझसे मदद मांगी और मैंने वीजा लेने की कोशिशें शुरू कर दी। पाकिस्तान के कुछ लोग थे जो खुद को दोस्त की तरह दिखाते थे और उन्होंने कहा कि वो मेरी मदद करेंगे। मैंने अपने दिमाग से नहीं बल्कि दिल से सोचा। उन्होंने मुझे अफगानिस्तान के रास्ते आने के लिए कहा। उन्होंने झूठे आईडी और दस्तावेज मेरी जेब में रख दिए।

 

पुलिस कर रही थी इंतजार
हामिद ने बताया कि इससे पहले वो उस लड़की के घर पहुंच पाते पुलिस उससे पहले उनका इंतजार कर रही थी और पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया। उस वक्त मुझे लगा कि मैं बर्बाद हो गया हूं। शुरुआत के तीन साल मैंने अंडरग्राउंड बिताए। कभी मुझे खाने को मिलता को कभी नहीं। मुझे बहुत शारीरिक यातनाएं दी गई। जिसमें मेरी आंख का नुकसान भी शामिल है। मैं घर जाकर माता पिता की सेवा करना चाहता था क्योंकि उनको मैंने बहुत तकलीफ दी है।

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