Gurdaspur Killings: पंजाब के गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में राज्य के सीएम भगवंत मान ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने एक पब्लिक प्लेटफॉर्म पर कहा कि घटना में शामिल दोषियों का पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने। आज एक दोषी रणजीत का गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान एनकाउंटर किया गया।

पंजाब पर नहीं देश पर हमला था

मुख्यमंत्री ने बताया कि दो दोषियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हम माहौल खराब करने वालों को बख्शेंगे नहीं। पाकिस्तान ने कातिलों को स्पॉन्सर किया था। लेकिन यह केवल पंजाब पर नहीं देश पर हमला था। पजंब इंडिया का गेट-वे है। भारत पर होने वाले हर हमले को रोकने के लिए पंजाब पुलिस के बहादुर जवान और BSF डटकर खड़े हैं।

मालूम हो कि पंजाब के गुरदासपुर में एक जांच चौकी पर रविवार को दो पुलिसकर्मियों के शव मिले थे। उनकी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस घचना के एक दिन बाद, पाकिस्तान में रह रहे एक गिरोहबाज ने शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो पोस्ट किया था जिसमें एक अज्ञात शूटर पुलिसकर्मियों में से एक पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाई दे रहा है।

प्रशासन ने नहीं दी थी कोई प्रतिक्रिया

इस अपुष्ट वीडियो को तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक संगठन ने भी साझा किया, जिसने रविवार को हुई हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, पंजाब पुलिस ने इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अपुष्ट वीडियो में, हथियार पकड़े हुए शूटर को सहायक उप निरीक्षक गुरनाम सिंह पर गोली चलाते हुए देखा जा सकता है।

अब इस बात की आधिकारिक पुष्टि हुई है कि हमले में पाकिस्तान का हाथ था। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो ISI ने इस घटना को अंजाम देने के लिए शूटर हायर किए थे। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर अभियान में तैनात एएसआई सिंह और गृहरक्षी अशोक कुमार के शव रविवार को जांच चौकी में मिले थे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृत पाए गए दो पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि देने की सोमवार को घोषणा की। गौरतलब है कि जिस इलाके में शव मिले हैं, वह नशा और हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।