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पद्मावत विरोध: करणी सेना के लोगों ने फूंक डाली अपने ही साथी की कार

फिल्म पद्मावत को लेकर करणी सेना का विरोध प्रदर्शन कई जगहों पर हिंसक रुप अख्तियार कर चुका है। फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ता इतने बदहवास हो रहे हैं कि उन्हें यह भी इल्म नहीं रह रहा है कि अपने साथियों की ही संपत्ति स्वाहा करने लगे हैं।
फिल्म पद्मावत के विरोध प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ता ने साथी की कार को फूंक दिया। (फोटो सोर्स पीटीआई)

फिल्म पद्मावत को लेकर करणी सेना का विरोध प्रदर्शन कई जगहों पर हिंसक रुप अख्तियार कर चुका है। फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ता इतने बदहवास हो रहे हैं कि उन्हें यह भी इल्म नहीं रह रहा है कि अपने साथियों की ही संपत्ति स्वाहा करने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश के भोपाल में फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अपने ही एक साथी की कार को आग के हवाले कर दिया। मामला बुधवार 24 जनवरी का है। शहर के ज्योति टॉकीज चौराहे पर तकरीबन 100 लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान करणी सेना के लोगों ने सिनेमाघरों के मालिकों को फिल्म न दिखाने की धमकी दी। मौके पर करणी सेना के अलावा हिंदू जागरण मंच के लोग भी मौजूद थे। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का पारा इतना चढ़ गया कि वे होश खो बैठे और हिंसक प्रदर्शन को अंजाम दे डाला।

पुलिस के मुताबिक कुछ आपराधित तत्थों ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में करणी सेना के ही एक कार्यकर्ता की मारुति स्विफ्ट कार में कार लगा दी। पुलिस ने इस घटना के संबंध नें 6 लोगों को दबोचा। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मध्य प्रदेश के नंबर वाली MP 04 HC 9653 गाड़ी में आग लगाई। कार मालिक मध्यमवर्गीय परिवार से बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने वहां लगे बीजेपी नेताओं के पोस्टर भी फाड़े। पीड़ित करणी सेना का कार्यकर्ता ईडब्ल्यू एस कॉलोनी का रहने वाला है और आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है।

घटना के बाद पुलिस दर्जन भर लोगों को इकट्ठा कर पुलिस थाने ले गई। इससे पहले मुख्यमंमत्री चौहान ने राज्य में फिल्म पर बैन लगाया था, लेकन सेंसर बोर्ड से फिल्म के पास होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में लगाए गए बैन को हटा दिया था। मंगलवार को राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने फिल्म को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावत 25 जनवरी को सिनेमाघरों में लग गई। राजपूत समाज के एक तबके ने फिल्म को देखने के बाद अपना विरोध वापस ले लिया है। उनका कहना है कि फिल्म राजपूतों की गौरव गाथा की कहानी बयां करती है।

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