Iran Israel war Latest Updates: पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनजर, बृहत् बेंगलुरु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने सोमवार को धमकी दी कि अगर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद कर दी गई तो वे शहर भर के रेस्टोरेंट बंद कर देंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि रेस्टोरेंटों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और सरकार को आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुछ करना चाहिए।

ये बयान उन खबरों के बीच आए हैं जिनमें कहा जा रहा है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते सोमवार से कुछ जगहों पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। राव ने बताया कि सोमवार सुबह शहर के करीब 25 से 30 होटल प्रभावित हुए क्योंकि आपूर्तिकर्ताओं ने सीधे गैस की आपूर्ति बंद कर दी थी। उन्होंने कहा, “हमने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और स्थानीय सांसदों से भी अनुरोध किया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।”

एसोसिएशन ने अपने पत्र में क्या लिखा?

एसोसिएशन के पत्र में कहा गया है, “चूंकि होटल इंडस्ट्री जरूरी सेवाओं के तहत आती है, इसलिए आम जनता, वरिष्ठ नागरिक, छात्र, मेडिकल प्रोफेशनल और अन्य लोग जो अपने रोजाना के खाने के लिए होटलों पर निर्भर हैं, उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही, गैस आपूर्ति बहाल होने और स्थिति सामान्य होने तक हमारे होटल इंडस्ट्री को संकट का सामना करना पड़ेगा। तेल कंपनियों ने हमें सूचित किया था कि 70 दिनों तक गैस आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होगी। हालांकि, आपूर्ति के अचानक बंद होने से होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए, हम संबंधित केंद्रीय सचिवों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस संबंध में तत्काल उचित उपाय करें और होटल इंडस्ट्री को समर्थन देने के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बहाल करें। अगर गैस आपूर्ति बहाल नहीं की जाती है, तो होटल कल (10 मार्च) से हड़ताल पर चले जाएंगे।”

हमारे कारोबार पर पड़ेगा प्रभाव- पीसी राव

पीसी राव ने कहा, “हमारा बंद करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर बेंगलुरु में आपूर्ति कल तक दोबारा शुरू नहीं होती है, तो हमारे पास अपना परिचालन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। इससे हमें नुकसान होगा क्योंकि इसका हमारे कारोबार पर भी व्यापक प्रभाव पड़ेगा।” हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस ने कुछ रेस्टोरेंट के मालिकों से बात की है। उन्होंने कहा कि वह रेस्टोरेंट को बंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह भी माना कि कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। रेस्टोरेंट के मालिक दिवाकर आर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “कमर्शियल सिलेंडरों की कमी है और अब ये ब्लैक मार्केट में 2500 रुपये तक में बिक रहे हैं। लेकिन बिल 1958 रुपये का बनता है। अगर कोई 2500 रुपये देने को भी तैयार हो, तो भी कई बार हमें सिलेंडर नहीं मिल पाते।”

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में व्यावसायिक उपयोग के लिए 115 रुपये और घरेलू उपयोग के लिए 60 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय अत्यधिक है और यह कदम सही नहीं है। मीडिया के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि सिलेंडर आपूर्ति को लेकर चिंता एक अलग मुद्दा है, जबकि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी पूरी तरह से एक अलग मामला है।

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भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर देश है। पिछले साल इसने 33.15 करोड़ मीट्रिक टन खाना पकाने की गैस की खपत की। भारत की एलपीजी की ज्यादातर मांग आयात से पूरी होती है और इस मात्रा का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के अहम रास्ते से आता है, जहां पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। पढ़ें पूरी खबर…