यूनिवर्सिटी प्रशासन का लड़कियों को आदेश-सड़क पर लड़कों से न करें बात

बीते दिनों तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को भी अजीबोगरीब फरमान सुनाया गया। यहां की लड़कियों को पायल न पहनने और बाल में फूल न लगाने को कहा गया था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स : Express Group Photo)

खाप पंचायतों की तरह ही एक विश्वविद्यालय ने भी तुगलकी फरमान सुनाया है। लड़कियों को आदेश सुनाया गया है कि सड़क पर चलते फिरते लड़कों से बात न करें। लड़कियों को यह आदेश ओडिशा के बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने सुनाया है। इसके लिए बाकायद एक नोटिस भी चस्पा कर दी गई है। यहां के गर्ल्स हॉस्टल रोहिणी हॉल ऑफ रेजिडेंस पर 1 दिसंबर को चस्पा की गई।

विश्वविद्यालय के तुगलकी फरमान में लिखा है कि, रोहिणी हॉल ऑफ रेजिडेंस में रह रही लड़कियां सड़क पर बात न करें। अगर लड़कियों को ऐसा करते पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाई होगी। इस मसले पर यूनिवर्सिटी के पब्लिक रिलेशन इनचार्ज प्रो. पीसी सवाइन ने बताया कि, यह एक अच्छा फैसला है जो विश्वविद्यालय की तरफ से लिया गया है। हम सिर्फ लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं।

बता दें कि, बीते दिनों तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को भी अजीबोगरीब फरमान सुनाया गया। यहां की लड़कियों को पायल और बाल में फूल न लगाने को कहा गया। बच्चों को निशुल्क साइकिल बांटने के लिए तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा मंत्री केए सेनगोट्टाईयन अपने विधानसभा क्षेत्र गोबीचेट्टीपाल्यम में स्थित उच्च माध्यमिक स्कूल पहुंचे थे।

उन्होंने कहा था कि, जब पायल पहनी जाती है और उसके घुंघरू की आवाज सुनाई देती है तो लड़कों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न होता है और उनका ध्यान भटक जाता है। वहीं, इस बारे में विभाग का भी मानना है कि पायल के घुंघरू की आवाज और फूलों की खुश्बू से लड़के ध्यान नहीं लगा पाते। हालांकि, विभाग की तरफ से अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। यह फरमान कथित रूप से लड़कियों पर लागू किया गया है। साथ ही विभाग ने लड़को को लेकर कोई भी गाइडलाइन नहीं जारी की।

 

पढें ओडिशा समाचार (Orissa News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X