दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लीला पड़ रही भारी, असमंजस में पड़ गए रामलीला, दुर्गापूजा और दशहरा आयोजक

दिल्ली में हर साल 250 के करीब बड़ी और 750 के करीब छोटी- छोटी रामलीलाओं का मंचन होता है। इसकी शुरुआत से पहले आयोजकों को काफी रणनीति बनानी होती है। साथ ही श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले ही पूजन कर इसकी तैयारियों की शुरुआत कर देते हैं। क्योंकि श्राद्ध के दौरान नए कार्य की शुरुआत करने की मान्यता नहीं है।

Ramleela, Dashahara
दो दिन श्राद्ध शुरू हो जाएगा। अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आने से आयोजक परेशान हैं।

कोरोना के मामले घटने के बाद दिल्ली में तमाम गतिविधियों को हरी झंडी दे दी गई है लेकिन धार्मिक आयोजन को लेकर अभी कोई साफ दिशानिर्देश न होने से आयोजक दुविधा में हैं। गणेश चतुर्थी तो ऐसे ही निकल गई लेकिन अब रामलीला, दुर्गापूजा और दशहरा के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के तकनीकी पेंच आयोजकों को परेशान कर रहे हैं। रामलीला के मंचन के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से दिशानिर्देश जारी होने का इंतजार है। इसके लिए रामलीला आयोजन से जुड़ीं संस्थाएं कई बार बैठकें कर चुकी हैं लेकिन स्पष्टता नहीं होने के कारण आयोजन की तैयारियां बीच में फंसती नजर आ रही हैं।

दिल्ली में हर साल 250 के करीब बड़ी और 750 के करीब छोटी- छोटी रामलीलाओं का मंचन होता है। इसकी शुरुआत से पहले आयोजकों को काफी रणनीति बनानी होती है। साथ ही श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले ही पूजन कर इसकी तैयारियों की शुरुआत कर देते हैं। क्योंकि श्राद्ध के दौरान नए कार्य की शुरुआत करने की मान्यता नहीं है। अब दिक्कत ये है कि सोमवार से श्राद्ध शुरू हो रहे हैं और अभी तक कोई दिशानिर्देश न मिलने से आयोजक असमंजस में हैं।

नव श्री धार्मिक लीला कमेटी के प्रचार मंत्री राहुल शर्मा बताते हैं कि उनकी रामलीला समिति नियमित तौर पर बीते 58 साल से आयोजन कर रही है। यह रामलीला दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीला समितियों में से एक है। बीते साल भी कोरोना संक्रमण की वजह से आयोजकों ने केवल औपचारिकता को पूर्ण किया था। हाल ही में आने वाले आयोजन को लेकर समितियों की कई स्तरीय बैठक हो चुकी हैं। बैठकों में धार्मिक गतिविधियों की तरह ही रामलीला आयोजनों को मंजूरी देने की बात रखी गई है। लेकिन अभी तक कोई इशारा सरकार की ओर से नहीं मिला है। बीते साल भी दशहरे के मौके पर भरत मिलाप का एक दिन का आयोजन रखा गया था।

समितियां बताती हैं कि रामलीला मंचन से आर्थिक गतिविधियां भी तेज होती हैं और छोटे-छोटे रोजगार भी शुरू होते हैं। इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 7 अक्तूबर से हो रही है और इसके साथ ही रामलीलाओं का आगाज होता है। मंजूरी मिलने पर ये आयोजन 15 अक्तूबर तक आयोजित किए जाएंगे।

कहां फंस रहा है मामला
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बीते दिनों कई गतिविधियों को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं और छूट दी है। धार्मिक सामूहिक आयोजन को लेकर अभी तक कोई नए दिशानिर्देश नहीं आए हैं। वहीं, पुराने दिशानिर्देशों के मुताबिक भी समितियां नहीं चल सकती हैं। अभी तक नए निर्देश प्राधिकरण की तरफ से न आने से समितियां परेशान हैं। वहीं समितियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या और आयोजन से संबंधित पत्र प्राधिकरण को भेज दिया है।

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