सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का एक बयान पोस्ट करके सरकार पर निशाना साधा था। बयान जिसमें उपमुख्यमंत्री ने प्रयागराज में बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींच मारे जाने के मामले पर कहा था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, इसका पाप चढ़ेगा पर सपा अध्यक्ष ने चुटकी ली थी। अब यूपी कैबिनेट के मंत्री ओपी राजभार ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश जिन्हें इस घटना के तकलीफ हो रही है, वो अपने कामों को भूल गए क्या।
बटुक पिटाई मामले में कार्रवाई हो रही
उन्होंने स्थानीय मीडिया आउटलेट से बात करते हुए कहा, “ये वही हैं, जिन्होंने 1990 में शंकराचार्य को पिटवा दिया था, उन्हें इस घटना की याद दिला दें। ना हो तो उन्हें वीडियो भेज दें। बटुक ब्राह्मणों की पिटाई का मामला संज्ञान में है। कानूनी कार्रवाई हो रही है। पुलिस कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर ही रही है।”
महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण को लेकर हुए फैसले पर उन्होंने कहा कि यूपी में 27 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है, जिसमें मुस्लिम समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। लेकिन वो लोग इसका फायदा नहीं उठा रहे। वो जातिवाद में लगे हैं। वो राजनीति में लगे रहते हैं। अपने अधिकारों के लिए वो नहीं सोचते।
विपक्ष अतिपिछड़ा वर्ग को गुमराह कर रहा
कैबिनेट मंत्री ने कहा, “कौम के लिए नसीहत है कि समाज में विकास तभी होगा जब वो शिक्षित होगें। ऐसे में उनका शिक्षित होना जरूरी है। विपक्ष उन्हें गलत तथ्यों को बताकर गुमराह करता है, ताकि वो उन्हें वोट दें। वो चाहते हैं कि यह लोग अशिक्षित बने रहें। लेकिन हम चाहते हैं कि वो जागरूक हों। वो चुनाव में भागीदार बनें, पर शिक्षित भी रहें।”
उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी और सीएम योगी के भय से 51 मुस्लिम बच्चे IAS बने। कांग्रेस के शासनकाल में जो नफरत फैलाने का काम करते थे वो अब घर में बैठकर पढ़ रहे हैं। पावरलूम वाले भी अब अपना काम करते हैं। उनकी आमदनी बढ़ गई। उनसे आप पूछेंगे तो वो खुद ही बताएंगे। उन्हें पुलिसिया कार्रवाई का भय है।”
सपा नेताओं को झूठ बोलने की आदत
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आरोप कि अधिकारी विपक्ष के नेताओं की बात नहीं सुन रहे, इस पर उन्होंने कहा कि यह गलत आरोप है। उन्होंने कहा, “मैं यह मान सकता हूं कि काम में फंसे होने की स्थिति में वो फोन नहीं उठाते होंगे। लेकिन हमरे साथ तो ऐसी कोई बात नहीं हुई है। प्रदेश में लाखों नेता हैं। आम जनता का फोन उठ जाता है तो उनका क्यों नहीं उठ रहा। कोई साजिश के तहत ऐसा थोड़ी हो रहा। सपा के नेता की झूठ बोलने की आदत है।”
कथावाचक को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि इटावा में उन्होंने कहा था कि यादव भी विद्वान हैं और वो भी कथा कह सकते हैं। लेकिन यही बात आजमगढ़ आते आते वो भूल गए और यहां उन्होंने पंडितों से कथा कहवाई और गृह प्रवेश किया। अपने मामले में ज्ञान कहां चली जाती है। उन्हें मंदिर बनाने से किसी ने रोका नहीं है। लेकिन प्राण प्रतिष्ठा में वो ब्राह्मणों को ही बुलाएंगे।
आखिर में उन्होंने परिक्षार्थियों के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा – परीक्षार्थियों से यह कहूंगा कि मेहनत से परीक्षा दें। अच्छे अंक लाएं। समय पर सेंटर पहुंचें ताकि परीक्षा छूट ना जाए।
