जाति आरक्षण को लेकर एक बार फिर से देश में बहस छिड़ चुकी है। हाल ही में दिल्ली में आरक्षण सुधार आंदोलन को लेकर जनरल कैटेगरी के छात्र एकजुट हुए। इस पर राजनेताओं ने आरक्षण का बचाव किया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने तो विरोध करने वाले जनरल कैटेगरी के छात्रों को देशद्रोही तक बता दिया था।
उनके बयान को लेकर अब यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने जवाब दिया है। ओपी राजभर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “रामदास अठावले का अपना बयान है, अठावले जी जरा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी पढ़ लें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कोटे में कोटा।”
‘जो विकास की मुख्य धारा में आ गए, पहले उनको तो बाहर करें’
पंचायती राज मंत्री ने आगे कहा, “संविधान में चार वर्ग है, चारों वर्गों को आरक्षण मिलता है और आरक्षण का लाभ वहीं लोग ले रहे हैं, जो मजबूत हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी ने आरक्षण दिया है कमजोरों को ऊपर उठाने के लिए, उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए। लेकिन आज DM, SP, DIG, IG, DGP, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और यहाँ तक कि राष्ट्रपति के बच्चे भी इन फ़ायदों का लाभ उठा रहे हैं। पहले तो उनको इस पर फोकस करना चाहिए कि जो विकास की मुख्य धारा में आ गए, पहले उनको तो बाहर करें।”
आरक्षण खत्म करने का कोई भी अधिकार किसी को नहीं- रामदास अठावले
रामदास अठावले ने कहा था कि आरक्षण खत्म करने का कोई भी अधिकार किसी को नहीं है। यह संवैधानिक अधिकार है। बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था करने की कोशिश की थी, और OBC के लिए आरक्षण V.P. सिंह सरकार के समय में दिया गया था।
आगे उन्होंने कहा था, “मोदी सरकार ने ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। ऐसे हर जाति को आरक्षण मिलता है। और ऐसी मांग करने वाले लोग राष्ट्रद्रोही हैं। इन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
स्कूल में हिजाब पहनने पर क्या बोले ओपी राजभर
एक अन्य ट्वीट में ओपी राजभर ने स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर यूपी के एक छात्र की याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर बात की।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “यह देश संविधान से चलता है। संवैधानिक दायरे में लिया गया हाई कोर्ट का फैसला सही है; अगर अलग-अलग धर्मों के छात्र अलग-अलग कपड़े पहनकर एक ही स्कूल में आएंगे, तो एकरूपता खत्म हो जाएगी, क्योंकि लोग वहां शिक्षा के लिए आते हैं, न कि धर्म या आस्था के मामलों के लिए। हाई कोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है कि सभी को तय यूनिफॉर्म में ही स्कूल आना चाहिए।”
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रयागराज के टैगोर पब्लिक स्कूल की 11वीं कक्षा की एक मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज कर दी थी। अपनी याचिका में छात्रा ने स्कूल की तय यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि हिजाब इस्लाम धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। कोर्ट ने कहा कि स्कूल का ड्रेस कोड एक समान, भेदभावपूर्ण और अनुशासन बनाए रखने के लिए है, इसे लागू करने का अधिकार स्कूल के पास है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘परिवारवाद राजनीति’ वाले बयान पर पलटवार किया। योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ‘परिवार के सिंडिकेट’ से ही चलती है। सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश की बातों से पता चलता है कि पार्टी दूसरे सांसदों को बेकार समझती है और मानती है कि केवल एक परिवार के सदस्य ही उसके MP बन सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
