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दिल्ली में फ्लॉप Odd-Even फॉर्मूला पार्ट-2ः विजय गोयल

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद विजय गोयल ने दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना को पूरी तरह से फेल बताया है।

Author नई दिल्ली | April 30, 2016 2:15 AM
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद विजय गोयल

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद विजय गोयल ने दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना को पूरी तरह से फेल बताया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार ने अगर यह योजना फिर से शुरू की तो दिल्ली की जनता उसे होने नहीं देगी। सांसद गोयल ने संस्था लोक अभियान की ओर से सम-विषम योजना को लेकर किए गए सर्वेक्षण की शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की।

सांसद गोयल ने पत्रकारों को बताया कि लोक अभियान ने 4700 लोगों से संपर्क किया। यह सर्वेक्षण दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से किया गया। चौदह टीमों ने यह सर्वेक्षण पीरागढ़ी चौक, पटेल नगर, लाजपत नगर, साकेत मेट्रो स्टेशन, भजनपुरा, मधुबन चौक, दुर्गापुरी चौक, नांगलोई, ग्रेटर कैलाश, पहाड़गंज और शास्त्रीनगर में किया। गोयल ने बताया कि लोगों ने अपने वाहन रोक कर उत्साह से सर्वेक्षण में भाग लिया। सम-विषम योजना बिना तैयारी के जबरदस्ती दिल्ली की जनता के ऊपर थोपी गई है।

इसलिए जनता ने उसे सिरे से नकार दिया है। गोयल के मुताबिक, सर्वेक्षण रिर्पोट से पता चलता है कि 68 फीसद लोगों ने सम-विषम योजना को सिरे से नकार दिया है। जिन 31 फीसद लोगों ने सम-विषम का समर्थन भी किया, उन्होंने भी यह कहा कि सरकार को इस योजना को नियमित रूप से लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 71 फीसद लोग चाहते हैं कि यह योजना जारी नहीं रहनी चाहिए।

सर्वे में 87 फीसद लोगों ने कहा कि सरकार ने इस योजना के प्रचार पर काफी राशि खर्च की है। 75 फीसद लोगों ने कहा कि सरकार ने यह योजना बिना किसी तैयारी के शुरू की है। गोयल ने बताया कि सर्वेक्षण में 18 से 34 साल के 55 फीसद लोगों ने भाग लिया। उनमें से 62 फीसद ने इस योजना को नाकाम बताया है। वहीं 77 फीसद का मानना है कि इससे वायु प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई है। इसी वर्ग के 38 फीसद लोगों ने कहा कि वे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से खुश नहीं हैं। सर्वेक्षण में भाग लेनेवाले 79 फीसद लोगों ने कहा कि इससे यातायात जाम में भी कोई कमी नहीं आई है।

गोयल ने कहा कि सम-विषम योजना के दोनों चरणों में जनता के साथ षड्यंत्र किया गया है। पहली बार 1 से 15 जनवरी को जब इसे लागू किया गया, उन दिनों में 15 दिन स्कूल की छुट्टियां थीं। उन 15 दिनों में छह दिन शनिवार, रविवार मिलाकर सार्वजनिक छुट्टियां थीं। बचे 9 दिन में से 5 दिन सम या विषम गाड़ी थी। इसके बावजूद दिल्ली की जनता ने इस योजना को नकार दिया। गोयल ने कहा, ‘परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि भलस्वा जहांगीरपुरी में लैंडफिल में भाजपा ने आग लगा दी थी, बसें खराब करवा दी, आॅटो की हड़ताल करवा दी, रास्ते में जाम करवाने के लिए रास्ते में कारें खड़ी कर दीं। विपक्ष पर इस आरोप के साथ सरकार ने मान लिया कि सम-विषम योजना फेल हो गई है। आम आदमी पार्टी अपनी नाकामी के डर से विपक्षी दलों पर आरोप लगा रही है’।

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