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‘बंगाल के हर जिले में बम फैक्ट्री’- अमित शाह ने किया था दावा, पर गृह मंत्रालय ने बताया- ऐसी कोई जानकारी नहीं

शाह के दावों पर आरटीआई एक्टिविस्ट ने गृह मंत्रालय से बंगाल के हर जिले में मौजूद बम बनाने की फैक्ट्रियों की लिस्ट भी मांगी, पर आरटीआई में इसका जवाब नहीं आया।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र कोलकाता | Updated: March 10, 2021 9:45 AM
गृह मंत्री अमित शाह (फोटो सोर्सः PTI)

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तापक्ष और विपक्ष में आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी है। लेकिन यह स्थिति सिर्फ चुनाव से पहले नहीं है। राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरी भाजपा काफी समय से एक-दूसरे से उलझी हैं। इसी सिलसिले में कुछ समय पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि पश्चिम बंगाल के हर जिले में बम बनाने की फैक्ट्रियां हैं। हालांकि, इसकी जानकारी उनके अपने मंत्रालय को ही नहीं है।

हाल ही में शाह के दावों को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने आरटीआई दायर की थी। गोखले ने बताया है कि जवाब में अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने कह दिया कि उसके पास ‘बंगाल में बम फैक्ट्रियों’ से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने गोखले को बंगाल पुलिस के पास जाकर तथ्यपूर्ण जानकारी लेने का सुझाव दिया है।

टीवी इंटरव्यू में क्या बोले थे गृह मंत्री?: अमित शाह ने पिछले अक्टूबर को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि बंगाल में कानून व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने तृणमूल सरकार को घेरते हुए कहा था कि राज्य के हर जिले में बम बनाने की फैक्ट्रियां हैं।

इसी को लेकर साकेत गोखले ने 18 अक्टूबर को आरटीआई एप्लीकेशन डाली थी। इसमें उन्होंने पूछा- “(1) अमित शाह के कथन के मुताबिक बंगाल में जिलावार बम बनाने की फैक्ट्रियों के बारे में, (2) क्या गृह मंत्रालय ने इस बारे में शाह को जानकारी दी, (3) क्या शाह का बयान आधिकारिक रिकॉर्ड्स या एजेंसी के इनपुट्स पर आधारित था।”

4 महीने बाद आया आरटीआई का जवाब: तीन मार्च को आए इस आरटीआई के जवाब में कहा गया कि गृह मंत्रालय के पास इससे जुड़ी जानकारी नहीं है। इतना ही नहीं जवाब में यह भी कहा गया कि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्थाएं संविधान के सातवें शेड्यूल के तहत राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले मामले हैं और किसी भी आतंकी-आपराधिक गतिविधि पर राज्य पुलिस पर पहली जवाबदेही होगी। इसलिए इसकी जानकारी राज्य पुलिस के सीपीआईओ से ली जा सकती है।

आरटीआई एक्टिविस्ट के मुताबिक, उन्होंने शाह के दावे के मुताबिक, मंत्रालय से बंगाल के हर जिले में मौजूद बम बनाने की फैक्ट्रियों की लिस्ट भी मांगी। पर आरटीआई में इसका जवाब नहीं आया। साकेत गोखले ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि ऐसी कोई फैक्ट्रियां हैं ही नहीं। यह चौंकाने वाली बात है कि देश के गृह मंत्री आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर खुलेआम फेक न्यूज फैला रहे हैं, ताकि चुनावी फायदे पाने के लिए पश्चिम बंगाल को बदनाम और बेइज्जत किया जा सके। इस तरह खुलेआम झूठ बोलने पर गृह मंत्री पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।

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