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उपचुनाव परिणाम 2018: BJP के खराब प्रदर्शन पर उमर अब्‍दुल्‍ला ने मारा ताना- आपने मुझे गलत साबित कर दिया, शुक्रिया

UP, Bihar Bypoll Election UP Chunav Results 2018 (फूलपुर, गोरखपुर, अररिया उपचुनाव नतीजे 2018): उमर अब्दुल्ला ने उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए उपचुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन पर अपने ही एक ट्वीट का हवाला देकर तंज कसा है। नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने तेजस्वी यादव और मीसा भारती को बधाई भी दी है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश और बिहार के उपचुनावों में बीजेपी के खराब प्रदर्शन पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने ही एक ट्वीट का हवाला देते हुए बीजेपी पर तंज कसा, ‘बीजेपी के मेरे प्यारे दोस्तों, मुझे गलत साबित करने के लिए कठिन श्रम और लगातार प्रयास करने के लिए आपका शुक्रिया! मैं सच्चे मन से आपका कृतज्ञ हूं। आपका विपक्षी साथी।’ दरअसल, उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी दलों के लचर रवैये को देखते हुए एक साल पहले 10 मार्च, 2017 को ट्वीट किया था, ‘इस हिसाब से तो हमलोगों (विपक्षी दलों) को वर्ष 2019 (लोकसभा चुनाव) के बारे में भूल जाना चाहिए और 2024 की योजना अभी से बनानी शुरू कर देनी चाहिए।’

भाजपा को गोरखपुर, फूलपुर (उत्तर प्रदेश) और अररिया (बिहार) लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों में झटका लगा है। उत्तर प्रदेश की दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी और अररिया में विपक्षी राजद का प्रदर्शन बेहतर रहा है। उमर अब्दुल्ला ने इससे पहले एक और ट्वीट कर राजद नेता तेजस्वी यादव और  मीसा भारती को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा, ‘बेहतरीन (चुनाव) परिणाम के लिए तेजस्वी यादव और मीसा भारती को बधाई। डिनर (सोनिया गांधी द्वारा दिल्ली में 13 मार्च को विपक्षी दलों को दिया गया रात्रिभोज) पर आप दोनों से मुलाकात बेहतरीन रही थी।’

बता दें कि उत्तर प्रदेश प्रदेश और बिहार में लोकसभा-विधानसभा की कुल पांच सीटों के लिए उपचुनाव कराया गया था। इसके लिए 11 मार्च को वोटिंग हुई थी। पांच में से सिर्फ एक सीट (भभुआ विधानसभा) पर ही राज्य और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। उपचुनाव के परिणाम ऐसे समय सामने आए हैं, जब अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैँ। इन उपचुनावों को वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल भी माना जा रहा था। इसके साथ ही सपा और बसपा के साथ आने से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक नया राजनीतिक समीकरण भी उभरा था। इन चुनावों के जरिये बीजेपी के खिलाफ नए मोर्चे की परख भी होनी थी। इस बीच, सोनिया गांधी ने दिल्ली में विपक्षी दलों के लिए डिनर आयोजित कर विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास किया।

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