यूपी चुनावः ओपी राजभर नहीं चाहते योगी आदित्यनाथ बनें मुख्यमंत्री, भाजपा का साथ देने को रखी यह शर्त

करीब 2 साल पहले एनडीए से अलग हो ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’ बनाने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने फिर से बीजेपी के साथ जाने का संकेत दिया है।

OM PRAKASH RAJBAHR
सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (एक्सप्रेस फोटो)

दो साल पहले उत्तरप्रदेश में बीजेपी सरकार से अलग होने के बाद एक बार फिर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर वापस NDA में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्होंने बीजेपी के सामने ऐसी शर्त रख दी है जिससे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ नाराज हो सकते हैं।

ओपी राजभर ने सरकार में शामिल होने के लिए शर्त रखते हुए कहा कि बीजेपी गठबंधन बनाने की इच्छुक है… अगर हमारी मांगें, जिसमें पिछड़ी जाति के व्यक्ति को सीएम उम्मीदवार के रूप में घोषित करना, जाति आधारित जनगणना, लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, सामान्य और अनिवार्य मुफ्त शिक्षा, घरों में मुफ्त बिजली, शराब पर प्रतिबंध और सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करने के बाद, हम गठबंधन पर विचार कर सकते हैं। यानि राजभर की शर्तों के अनुसार वो नहीं चाहते हैं कि योगी दोबारा सीएम बनें।

इससे पहले राजभर ने मंगलवार को लखनऊ में यूपी भाजपा प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह और उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह से मुलाकात की थी। बैठक में मौजूद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर ने कहा, ‘यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी, जिसने भविष्य के लिए संभावनाएं खोली हैं।

बता दें कि अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले राजभर, ओवैसी की पार्टी के साथ जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब बीजेपी नेताओं के साथ मुलाकत के बाद यूपी की राजनीति में ओवैसी अकेले पड़ते दिख रहे हैं। ओवैसी के सावल पर राजभर ने कहा कि ओवैसी की पार्टी ‘भागीदारी मोर्चा’ का अभी तक अधिकारिक हिस्सा नहीं बनी है।

राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, लेकिन दो साल पहले उन्होंने बीजेपी से नाता तोड़कर, छोटी-छोटी 10 पार्टियों के साथ ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’ बना लिया था।

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