यूपी चुनावः ओम प्रकाश राजभर ने खुद को बताया अखिलेश का दूत, बोले- भजापा की लंका विध्वंस कर अखिलेश को बनाएगा यह ‘हनुमान’

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सपा के साथ गठबंधन करने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर अब खुद को अखिलेश यादव का दूत बता रहे है।

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अखिलेश यादव के साथ ओपी राजभर (सोर्स- ट्विटर samajwadiparty)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सपा के साथ गठबंधन करने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर अब खुद को अखिलेश यादव का दूत बता रहे है। एक बयान में ओपी राजभर ने कहा कि जैसे राम के दूत भगवान हनुमान थे, जिन्होंने सीता के लिए लंका को जला दिया था, वैसे ही यह हनुमान भी बीजेपी को खत्म करके ही मानेगा, उन्होंने जोर देकर कहा, मुख्यमंत्री तो अखिलेश यादव ही बनेंगे।

बीजेपी के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नजर में मैं पहले वोट कटवा नहीं था लेकिन अब हो गया हूं। हमारे पास 42 फीसदी वोट हैं, लेकिन हमारी समस्या का समाधान हीं नहीं हो सकता है तो क्या फायदा, ओपी राजभर ने कहा कि अब हम अपने 42 फीसदी वोट काटकर अखिलश यादव को देंगे और उन्हें सीएम बनाएंगे।

बसपा के पूर्व नेता हुए सपा में शामिल: यूपी चुनाव की तैयारियों में डटे अखिलेश यादव इन दिनों अपने कुनबे को बढ़ा रहे हैं इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता राम अचल राजभर और लालजी वर्मा ने विधिवत सपा में शामिल होने की घोषणा की। वर्मा और राजभर ने 25 अक्टूबर को ही घोषणा कर दी थी कि वे सात नवंबर को अंबेडकरनगर की रैली में सपा की सदस्यता लेंगे। लालजी वर्मा अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से तथा राम अचल राजभर अकबरपुर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं। इन दोनों ही नेताओं को कभी बसपा प्रमुख मायावती का बहुत करीबी माना जाता था।

राजभर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष थे और वर्मा राज्य विधानसभा में बसपा विधायक दल के नेता थे। दोनों ही वर्ष 2007 से 2012 तक रही बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। पंचायत चुनाव के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने दोनों नेताओं पर भितरघात का आरोप लगाते हुए दल से बाहर कर दिया था।

अंबेडकरनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर बने अंबेडकरनगर जिले और डॉक्टर लोहिया की जन्म भूमि से यह संदेश पूरे देश में जा रहा है और अगर इन दोनों महापुरुषों की विचारधारा के रास्‍ते पर निकल पड़ें तो दोनों की विचारधारा भारत के सपने को पूरा कर सकती हैं।

यादव ने कहा, ‘‘ जहां जाति और धर्म में लोगों को बांटा जा रहा है, वहां अंबेडकर के संविधान पर चलकर समतामूलक समाज के सपने को पूरा किया जा सकता है।’’ लोकसभा चुनाव में बसपा से सपा के गठबंधन की ओर इशारा करते हुए यादव ने कहा, ”अभी कुछ दिन पहले हमने कोशिश की कि लोहिया और अंबेडकर की विचारधारा एक हो जाए, लेकिन हम उसमें सफल नहीं हुए, परंतु मैं कह सकता हूं कि जिस तरह दूसरे दलों के लोग आ रहे हैं, उससे भाजपा का सफाया होना तय हो गया है।”

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