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बीच रास्‍ते उतार कर सवारी से बोला ओला ड्राइवर- नहीं जाऊंगा ‘मुस्लिम कॉलोनी’, धमकी भी दी!

ओला कैब के ड्राइवर ने जामिया नगर जाने से इसलिए इनकार कर दिया कि वह मुस्लिम बहुल कॉलोनी है। ड्राइवर ने सवारी असद अशरफ को बीच रास्‍ते ही छोड़ दिया। अशरफ द्वारा आपत्ति जताने पर ड्राइवर ने कथित तौर पर उन्‍हें धमकी भी दी। ओला ने ड्राइवर को हटाने की बात कही है।

Author नई दिल्‍ली | June 18, 2018 8:00 PM
ओला कैब सर्विस। (Photo: Reuters)

मोबाइल ऐप्‍प हेलिंग कैब एग्रिगेटर कंपनी ओला से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ओला कैब के ड्राइवर ने मुस्लिम कॉलोनी न जाने की बात कहते हुए सवारी को बीच रास्‍ते में ही उतार दिया। जिरह करने पर ड्राइवर ने कथित तौर पर धमकी भी दी। वहीं, ओला कैब पर समस्‍या को दूर करने के लिए पर्याप्‍त प्रयास न करने का आरोप लगाया गया है। दरअसल, यह मामला देश की राजधानी दिल्‍ली का है। पेशे से पत्रकार असद अशरफ ने बीके. दत्‍त कॉलोनी से जामिया नगर जाने के लिए ओला कैब बुक कराया था। अशरफ का आरोप है कि कैब ड्राइवर ने उन्‍हें जामिया नगर ले जाने के बाजय बीच रास्‍ते में ही उतार दिया था। ‘न्‍यूज 18’ के अनुसार, ड्राइवर ने कथित तौर पर मुस्लिम कॉलोनी में जाने से इनकार कर दिया था। अशरफ ने ट्विटर पर वाकये को शेयर किया। उन्‍होंने बताया कि ड्राइवर ने उन्‍हें धमकी दी और परेशान किया। बकौल अशरफ, ओला कैब के ड्राइवर ने उनसे कहा कि जामिया नगर जाने लायक जगह नहीं है, क्‍योंकि यह एक मुस्लिम कॉलोनी है। उनके मुताबिक, जब उन्‍होंने ड्राइवर के इस रवैये का विरोध किया तो कैब चालक ने कथित तौर पर अपने लोगों को बुलाने की धमकी दे डाली।

ओला पर समस्‍या का समाधान न करने का आरोप: अशरफ ने बताया कि कैब ड्राइवर द्वारा बीच रास्‍ते ही उतारने पर उन्‍होंने ओला की हेल्‍पलाइन नंबर पर फोन किया था। पहली बार तो कॉल को रिसीव किया गया, बाद के कॉल्‍स को किसी ने उठाया ही नहीं और न ही उनकी समस्‍या का समाधान ही किया गया। ओला ने उनके ऐप को भी ब्‍लॉक कर दिया, जिसके कारण वह दूसरा कैब भी बुक नहीं कर पा रहे थे। उन्‍होंने पुलिस को भी फोन किया था, लेकिन दिल्‍ली पुलिस ने भी उनकी मदद नहीं की थी। अशरफ ने इसके बाद शिकायत का स्‍क्रीनशॉट ट्विटर पर पोस्‍ट कर दिया था। ओला कैब्‍स ने इस पर उनके मसले को सुलझाने और ड्राइवर को हटाने की जानकारी दी थी। हालांकि, अशरफ ने बताया कि उनकी समस्‍या का समाधान उसके बाद भी नहीं हुआ था। असद ने ट्वीट कर बताया कि ओला ने अलग कैब भेजने का वादा किया था, लेकिन भेजा नहीं गया। सौरभ प्रताप सिंह ने ट्वीट किया, ‘ओला को कैब ड्राइवर का नाम पीड़ि‍त से साझा करना चाहिए, ताकि उसे गिरफ्तार किया जा सके, नहीं तो ओला कैब को बहुत कुछ खोना पड़ेगा।’ मधुरिमा दास ने लिखा, ‘ओला, यह अच्‍छी बात नहीं है। मैं एक महिला हूं और यदि आपके ड्राइवर ने मेरे साथ भी ऐसा किया तो मैं क्‍या करूंगी?’ बता दें कि अप्रैल में भी ओला से जुड़ा एक मामला सामने आया था। इसमें एक सवारी ने ओला कैब में चढ़ने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया था कि ड्राइवर मुसलमान था।

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