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नर्सरी एडमिशन में खत्म हुई मनमानी: 50 फीसद सीटें आम बच्चों के लिए सुरक्षित

दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर दलाली और सिफारिश मुक्त की जाएगी।

Author नई दिल्ली | January 11, 2016 2:29 AM
नर्सरी एडमिशन में खत्म हुई मनमानी: 50 फीसद सीटें आम बच्चों के लिए सुरक्षित

दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर दलाली और सिफारिश मुक्त की जाएगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को यहां कहा कि निजी विद्यालयों में नर्सरी प्रवेश के लिए प्रबंधन कोटा खत्म करने के बाद 50 फीसद सीटें आम जनता के लिए उपलब्ध हैं। केजरीवाल कहा कि सरकार का विद्यालयों के दैनिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार 75 फीसद खुली सीटों के लिए आॅनलाइन प्रवेश पर अगले साल विचार करेगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रविवार को उन अभिभावकों से बातचीत कर रहे थे, जो अपने बच्चों का प्रवेश कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने विद्यालयों में प्रवेश पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। सरकार ने वह प्रबंधन कोटा समाप्त कर दिया है जिसका इस्तेमाल राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और शक्तिशाली लोगों को उपकृत करने के लिए किया जाता था। इससे करीब 50 फीसद अतिरिक्त सीटें आम आदमी के लिए खुल गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा कर अपने ही हाथ काट लिए हैं, क्योंकि अब विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी सिफारिश के पारदर्शी तरीके से होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उससे कोई लाभ नहीं होगा। सरकार और मुख्यमंत्री ने अपने हाथ काट लिए हैं, नहीं तो हमारे अपने कार्यकर्ता सिफारिशें लाते और हम प्रवेश के लिए सीटें बांटते।

बच्चों के लिए प्रवेश चाहने वाले अभिभावकों की शिकायतों और सुझावों का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रबंधन कोटा और प्रवेश के लिए 62 मानदंड समाप्त कर दिए गए हैं, क्योंकि वे उचित, निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं थे। उन्होंने कहा कि मैंने विद्यालयों पर विश्वास किया और उन्हें अपने प्रवेश के मानदंड वेबसाइट पर अपलोड करने की इजाजत दी। इसमें कुछ विद्यालयों ने उनके साथ विश्वासघात किया और इन मानदंडों और पूर्व छात्र और भाई-बहन जैसे कोटा जरिए करीब 75 फीसद सीटें आरक्षित कर दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 फीसद सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत प्रवेश भी नियमितताओं से भरा था। सरकार ने अब इस प्रक्रिया को आॅनलाइन कर दिया है। उन्होंने कहाकि यदि वे अच्छी चीजें करना चाहते हैं तो उन्हें इससे बेहतर सरकार नहीं मिलेगी लेकिन यदि वे अनियमितताओं में लिप्त होंगे तो उन्हें इससे बुरी सरकार नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अब विद्यालयों का इसमें कोई प्रभाव नहीं होगा। जो लोग नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे उनकी मान्यता खत्म कर दी जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार का उनके दैनिक कामकाज में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। केजरीवाल ने एक अभिभावक के सुझाव पर कहा कि 75 फीसद सीटों पर आॅनलाइन प्रवेश के बारे में अगले साल सोचेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब तबके के लोगों को तो पहले निजी स्कूल फार्म देने से परहेज करते थे, अब वो जरूरत ही समाप्त कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में निजी स्कूल भ्रम फैला रहे हैं कि 22 तारीख तक सिर्फ फार्म भरे जा रहे हैं, दाखिले की प्रक्रिया बाद में शुरू होगी। उन्होंने कहा कि दाखिलों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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