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ईसाई स्कूल में 71 साल की नन से सामूहिक बलात्कार

पश्चिम बंगाल में एक उम्रदराज नन के साथ डकैतों ने सामूहिक बलात्कार किया। यह घटना नदिया जिले के गंगनापुर में हुई। घटना के कारण क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात को बाधित किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की सीआइडी से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट पीबी सलीम ने बताया […]
Author March 15, 2015 08:38 am
Nun Gangrape: कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी की 71 वर्षीय सिस्टर सुपीरियर का राणाघाट उपमंडलीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। (फ़ोटो-एपी)

पश्चिम बंगाल में एक उम्रदराज नन के साथ डकैतों ने सामूहिक बलात्कार किया। यह घटना नदिया जिले के गंगनापुर में हुई। घटना के कारण क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात को बाधित किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की सीआइडी से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट पीबी सलीम ने बताया कि यह एक जघन्य घटना है और पुलिस ने पहले ही गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। राज्य के शहरी विकास मंत्री फरहद हकीम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले की सीआइडी जांच के आदेश दे दिए हैं। कोलकाता के आर्कबिशप थामस डिसूजा ने कहा कि अपराधियों ने ईसाई स्कूल में प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को भी क्षतिग्रस्त किया।

रानाघाट उपमंडल के स्थानीय कान्वेंट स्कूल के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार रात लगभग साढ़े बारह बजे गैंग ने कान्वेंट में प्रवेश किया और उनमें से तीन-चार लोगों ने महिला को परेशान करने के बाद उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। अपराध करने के बाद गैंग के सदस्य आलमारी में रखे 12 लाख रुपए ले उड़े। सुबह मामला सामने आने के बाद स्कूल के छात्रावास के अधिकारियों ने नन को रानाघाट अस्पताल पहुंचाया। मजिस्ट्रेट ने कहा-हमें अभी भी घटना के पूरे खुलासे का इंतजार है।

क्षेत्र में यह खबर फैलने के बाद गुस्साए छात्रों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और सियालदाह-रानाघाट की रेलवे लाइन को दोपहर 12 बजे से रोकना शुरू कर दिया। घटना की आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इस घृणित कार्य को ‘मानवता पर हमला’ करार देते हुए हकीम ने इसे धार्मिक कट्टरता को भड़काने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा-दोषियों की पहचान होना बाकी है और तुरंत ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सामूहिक बलात्कार को भयावह करार देते हुए इस घटना की सीआइडी जांच का वादा किया। ममता ने कहा-हमने सीआइडी जांच के आदेश दिए हैं। एजंसी इस भयावह अपराध के सभी पहलुओं की जांच करेगी। अपराधियों के खिलाफ त्वरित और ठोस कार्रवाई की जाएगी। खबरों में कहा गया है कि डकैतों का एक समूह नदिया जिले के गंगापुर स्थित कान्वेंट में शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे घुसा और 71 साल की नन के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया। बाद में वे 12 लाख रुपए नगद लेकर फरार हो गए।

दूसरी ओर कोलकाता के आर्कबिशप थामस डिसूजा ने कहा कि अपराधियों ने कान्वेंट स्कूल में प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। डिसूजा ने कहा कि बर्बरता के साथ ही हमारे लिए यह भी दुखद है कि उन लोगों ने प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को भी नुकसान पहुंचाया। घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे का मकसद क्या था। डिसूजा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन के पास सीसीटीवी फुटेज हैं जिनमें यह हरकत करने वाले लोगों को पहचाना जा सकता है।

इस बीच ईसाइयों के संगठन ‘बंगीय क्रिस्टीय परिसेबा’ के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष हरोद मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में ईसाइयों पर हमले की घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्कूल की सिस्टर सुपीरियर ने धमकी मिलने के बाद पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने भी इस घटना की निंदा की और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस बीच माकपा के राज्य सचिव और पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य सूर्यकांत मिश्र ने पत्रकारों से कहा कि यह निंदनीय घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पिछले चार साल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

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