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योगीराज में अब कुत्तों का खौफ, चार महीने में नौ बच्चों को बनाया शिकार

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आदमखोर कुत्तों का आंतक बढ़ा है। यहां कुत्तों ने दो बच्चों को नोच डाला। पिछले चार महीने में नौ बच्चे कुत्तों का निवाला बने हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आदमखोर कुत्तों का आंतक बढ़ा है। यहां कुत्तों ने दो बच्चों को नोच डाला। पिछले चार महीने में नौ बच्चे कुत्तों का निवाला बने हैं। आरोप है कि अभिभावकों की कई दफा गुहार लगाने के बाद भी योगीराज में प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा।कुत्तों के आंतक से जिले के लोग भयभीत है।कुत्तों का शिकार बने दोनों बच्चे खैराबाद थाना इलाके के टिकरिया और गुरपलिया गांव के रहने वाले थे।
टिकुरिया गांव में कैलाश नाथ चौधरी की 11 वर्षीय बेटी साथ के कुछ अन्य बच्चों संग शामली गांव के बाहर टहलने निकली थी।इस दौरान गांव के भट्ठे के पास कुत्तों ने शामली पर हमला कर मार डाला। जब तक शोर सुनकर लोग बचाने दौड़ते, शामली की मौत हो चुकी थी। दूसरी घटना में गुरपलिया गांव निवासी आबिर के 12 साल के बेटे खालिद को कुत्तों ने नोच डाला। कक्षा सात में पढ़ने वाला आबिद आंधी के चलते बाग में गिरे आम बीनने गया था। सुबह सात बजे यह घटना हुई। खालिद के शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े मगर गंभीर रूप से घायल खालिद की मौत हो चुकी थी।
इससे पहले भी सीतापुर में कुत्तों के हमले में बच्चों की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी में इसी गांव के मोबीन के बेटे रहीम(12) को कुत्तों ने नोच डाला था। खैराबाद थाना क्षेत्र में तो कुत्तों के हमले में सौ से अधिक बच्चे घायल हो चुके हैं।मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर विधायक राकेश राठौर इसे विधानसभा में उठा चुके हैं, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई पहल नहीं की।

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स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीतापुर के ग्रामीण इलाकों में कुत्तों का आतंक ज्यादा है। ये कुत्ते सुबह और शाम को ज्यादा हमला कर रहे हैं।शहर के लोग भी इन आदमखोर कुत्तों से दहशत में हैं।ग्रामीणों के मुताबिक कुत्ते झुंड में निकलते हैं, इस नाते जब किसी बच्चे पर हमला करते हैं तो उसके बच निकलने का मौका नहीं मिलता। एक साथ कई कुत्तों के वार का सामना करना पड़ता है।

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