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उत्‍तराखंड: सरकारी दफ्तरों में मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी, जरूरी हुआ तो रिसेप्‍शन पर ही मिलेंगे अफसर

मुख्‍य सचिव के आदेश में कैबिनेट बैठक से पहले ही उससे जुड़ी सूचनाएं लीक होने का हवाला दिया गया है।

Author देहरादून | Updated: January 6, 2018 7:03 AM
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने विधानसभा क्षेत्र डोईवाला की नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर अपने उम्मीदवार को जिताने में नाकाम साबित हुए। (फाइल फोटो)

उत्‍तराखंड की भाजपा सरकार ने मीडिया को लेकर नया फरमान जारी किया है। नए आदेश के तहत पत्रकारों के सरकारी दफ्तरों में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। जरूरी होने पर अफसर कार्यालय के रिसेप्‍शन पर आकर मीडियाकर्मियों से मुलाकात करेंगे। राज्‍य सरकार ने ‘गोपनीय सूचनाओं’ के लीक होने की दलील देते हुए यह फैसला लिया है। उत्‍तराखंड के मुख्‍य सचिव उत्‍पल कुमार सिंह की ओर से 27 दिसंबर को को इस बाबत आदेश जारी किया गया है। ऐसे में अब पत्रकार सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों से सीधे नहीं मिल सकेंगे।

राज्‍य के मुख्‍य सचिव की ओर से जारी तीन पृष्‍ठों के आदेश में सरकारी विभागों के सेक्‍शन/कार्यालायों में अनाधिकृत व्‍यक्तियों/रिपोर्टरों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही गई है। आदेश की प्रति राज्‍य के सभी विभागों के अपर, प्रमुख और अन्‍य सचिवों को भेजी गई है। इसमें कहा गया है, ‘सरकारी कार्यालयों में निजी काम से आने वाले लोगों/पत्रकारों को किसी भी अधिकारी या कार्यालय के किसी भी सदस्‍य से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। महत्‍वपूर्ण मामलों में अधिकारी रिसेप्‍शन पर आकर संबंधित व्‍यक्ति से मुलाकात कर सकेंगे।’ आदेश में खासतौर पर कैबिनेट बैठक का एजेंडा सार्वजनिक होने का हवाला दिया गया। इसमें कहा गया है, ‘कैबिनेट से जुड़े मुद्दों/प्रस्‍तावों का बैठक से पहले ही प्रकाशन बहुत ही दुर्भाग्‍यपूर्ण और आपत्तिजनक है। इससे कैबिनेट द्वारा लिया जाने वाला फैसला प्रभावित होता है। मंत्रिमंडल ने भी इस पर खेद और आपत्ति जताई थी।’ आदेश में सूचनाएं लीक होने की स्थिति में उसकी जांच कराने के तौर-तरीकों का भी उल्‍लेख किया गया है। इसके मुताबिक, कैबिनेट से जुड़े प्रस्‍ताव के बैठक से पहले ही अखबारों या मीडिया में आने पर संबंधित विभाग के अपर या प्रमुख सचिव या फिर प्रभारी सूचनाएं लीक होने के कारणों की छानबीन करेंगे।

राज्‍य के मुख्‍य सचिव ने 16 अगस्‍त 2010 में जारी आदेश का भी हवाला दिया है। आईएएस अधिकारियों को भी कैबिनेट मीटिंग से जुड़े मुद्दों या एजेंडे को लेकर गोपनीयता बरतने को कहा गया है। उत्‍पल सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्‍य मीडियाकर्मियों के पास सही सूचनाएं पहुंचाना है। उन्‍होंने बताया कि सूचना निदेशक प्रतिदिन शाम को चार बजे महत्‍वपूर्ण सूचनाओं के बारे में जानकारी देंगे। खासकर सरकारी स्‍तर पर लिए जाने वाले फैसलों के बारे में मीडिया को जनकारी दी जाएगी।

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