मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के खूंखार अपराधियों में से एक चंबल के डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को मौत हो गई। आरोप है कि जेल में ही एक कैदी विष्णु जाट ने तौलिये से गला घोटकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी। जगन गुर्जर के खिलाफ 128 मुकदमे दर्ज थे।
विष्णु जाट करीब 3 साल से अजमेर की जेल में बंद है जबकि जगन गुर्जर को मार्च 2026 में ही जेल में शिफ्ट किया गया था।
अजमेर के एसपी हर्षवर्धन का कहना है कि जगन गुर्जर के शरीर पर गला घोटने के अलावा किसी अन्य तरह की चोट या निशान नहीं हैं और इसमें किसी तरह का गैंगवार का भी कोई एंगल नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया है कि घटना के वक्त बैरक में केवल जगन गुर्जर और विष्णु जाट ही मौजूद थे। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ का कहना है कि विष्णु जाट ने जेल अधिकारी के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि उन लोगों ने सुबह साफ-सफाई की थी और इसके बाद लूडो खेला था। जगन गुर्जर के परिजनों ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
वसुंधरा राजे के घर को उड़ाने की दी थी धमकी
जगन गुर्जर मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर जिले का रहने वाला था और साल 2008 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित आवास को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
जगन गुर्जर ने 2009 में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया था। आत्मसमर्पण करते वक्त जगन गुर्जर पर 11 लाख रुपये का इनाम था। उसने सचिन पायलट के पैर छुए और वादा किया था कि अगर पुलिस उसके साथ अच्छा बर्ताव करे और निष्पक्ष सुनवाई हो तो वह अपराध का रास्ता हमेशा के लिए छोड़ देंगे।
इसके बाद जून, 2019 में दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर मारपीट के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। तब उसे पकड़ने के लिए 500 पुलिस कर्मियों को लगाना पड़ा था। इसके बाद फरवरी 2022 में उस वक्त कांग्रेस के विधायक गिर्राज मलिंगा को जान से मारने की धमकी देने के मामले में भी जगन गुर्जर की गिरफ्तारी हुई थी।
जगन गुर्जर चंबल के इलाके में सक्रिय रहा था। उसके खिलाफ जबरन वसूली, अपहरण, धमकी सहित गंभीर अपराधों में मुकदमे दर्ज थे। हालात को देखते हुए धौलपुर पुलिस ने जगन गुर्जर के पैतृक गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
विपक्ष ने उठाए गुर्जर की मौत पर सवाल
जगन गुर्जर की मौत को लेकर विपक्षी राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं और गुर्जर की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। विपक्षी राजनीतिक दलों ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि अजमेर में जेल के अंदर हत्या होना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल के अंदर से रंगदारी, नशे की तस्करी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि जगन गुर्जर की हत्या बीजेपी सरकार के राज में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मामले में जेल प्रशासन के कामकाज पर सवाल खड़े किए।
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राजस्थान के धौलपुर जिले का एक लड़का जो कभी दूध बेचने का काम करता था, उसे गांव के विवाद और जीजा की हत्या ने कुख्यात डकैत में तब्दील कर दिया। इस लड़के का नाम जगन गुर्जर था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
