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अब एक हफ्ते उड़न छू रहेगी लू, जैसलमेर में तेज बारिश के साथ गिरे ओले

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि लगभग एक हफ्ते तक पूरे देश को लू के थपेड़ों और भीषण गर्मी से राहत रहेगी, हालांकि उसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी होगी।

Author नई दिल्ली | May 5, 2016 5:05 AM
बुधवार (4 मई) को दिल्ली में आकाश में बादल छाए रहे। (पीटीआई फोटो)

लू के थपेड़ों, भीषण गर्मी, जंगलों में आग और कई जगहों पर पानी की किल्लत से परेशान देशवासियों के लिए मौसम और मानसून दोनों को लेकर राहत भरी खबर है। पिछले 24 घंटों से कई जगहों पर जारी आंधी, बूंदाबांदी और कुछ जगहों पर बारिश के बीच बुधवार को सरकार की तरफ से भी राहत भरी खबर आई कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सही समय पर यानी मई अंत या जून के शुरू में केरल में दस्तक देगा। हालांकि, देश में अलग-अलग जगहों पर मानसून के आगमन की तिथि की औपचारिक घोषणा 15 मई को की जाएगी। वहीं भारतीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि लगभग एक हफ्ते तक पूरे देश को लू के थपेड़ों और भीषण गर्मी से राहत रहेगी, हालांकि उसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी होगी।

केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने बुधवार को संसद में कहा, ‘मानसून के दक्षिण केरल में मई के अंत या जून के आरंभ में पहुंचने (यानी 31 मई को प्रवेश जिसमें चार दिनों का अंतर हो सकता है) का अनुमान है’। हालांकि, देश में मानसून के आगमन की औपचाकि घोषणा 15 मई को की जाएगी। हर्षवर्धन ने यह भी दावा किया कि पिछले दस सालों में मानसून के आगमन का अनुमान सीमा के अंदर रहा है। इस साल भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मानसून के सामान्य से अधिक यानी औसतन 106 फीसद बारिश होने की संभावना है।

हालांकि, इस अच्छे मानसून की खबर के बीच देश के कई हिस्से अप्रैल में भीषण गर्मी से जूझते नजर आए और इसी गर्मी के साथ मई में प्रवेश किया। दो मई को राजधानी दिल्ली का तापमान 44 डिग्री पहुंच गया था जो मौसम का सबसे गर्म दिन के रूप में दर्ज किया गया। लेकिन एक ओर जहां पिछले 24 घंटों के अंदर उत्तर-पश्चिम भारत को पश्चिमी विक्षोभ से राहत मिली है वहीं दक्षिण, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत को मानसून पूर्व बारिश से राहत मिली है।

भारतीय मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर डीएस पई ने कहा, ‘लगभग एक हफ्ते तक देश भर को लू और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि उसके बाद तापमान फिर बढ़ना शुरू होगा’। पई ने कहा कि प्री मानसून सीजन मार्च, अप्रैल और मई को माना जाता है और इस मौसम में हुई बारिश को मानसून पूर्व बारिश कहा जाता है, जो कि एक सामान्य स्थिति है और इसका होना अच्छा है। उन्होंने कहा, ‘उत्तर पश्चिम भारत में फिलहाल जो राहत भरा मौसम बना है वह पश्चिमी विक्षोभ के कारण है, वहीं शेष भारत में ज्यादा गर्मी से आर्द्रता बढ़ने की वजह से बारिश और बूंदाबांदी की स्थिति बनी है’।

तीन मई को केरल, ओड़ीशा की कुछ एक जगहों, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल और रायलसीमा में लू की स्थिति देखी गई। लेकिन चार मई को देश के किसी जगह पर लू की स्थिति नहीं दर्ज की गई। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान में बारिश और दिल्ली-एनसीआर में बूंदाबांदी रही। मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक आनंद शर्मा ने कहा, ‘बारिश और बूंदाबांदी के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में सोमवार से अब तक 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है’। शर्मा ने कहा कि अगले दो दिन भी पहाड़ों में बारिश, उत्तर भारत के मैदानों में भी कुछ एक जगहों पर बारिश और दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बूंदाबांदी का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के साथ उत्तरी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन क्षेत्र बना हुआ है। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र, असम और मेघालय में भी चार मई को आंधी और बूंदाबांदी हुई।

देश के अन्य हिस्सों के मौसम के बारे में 6 मई तक लू संबंधी कोई चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि, 7 और 8 मई को ओड़ीशा की कुछ जगहों पर लू की चेतावनी है। वहीं पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ जगहों पर 6 मई को भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने आंतरिक कर्नाटक और केरल में कुछ जगहों पर 7 मई को भारी बारिश का अनुमान लगाया है। 6 मई तक उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी और उसके बाद तापमान क्रमिक रूप से 2-4 डिग्री बढ़ेगा।

केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने संसद में यह भी दावा किया कि भारतीय मौसम विभाग के अनुमान की प्रणाली अन्य देशों की अपेक्षा बेहतर है, ऐसे में लगाए गए अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश की उम्मीद के बीच फिलहाल जो राहत भरा मौसम बना है उसका पूरा लुत्फ उठाया जा सकता है।

जैसलमेर में गिरे ओले
राजस्थान में जैसलमेर जिले के रामगढ़ और सियाला गांव में तेज बारिश के बीच ओले गिरे। जैसलमेर में एक मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जैसलमेर के रामगढ़ और सियाला गांव में तेज हवा के साथ काफी देर तक तेज बारिश हुई और ओले गिरे। जयपुर सहित प्रदेश के अन्य कई स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने के कारण भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली है। वहीं उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में आंधी-पानी से लोगों को करीब एक पखवाड़े से पड़ रही गर्मी से कुछ राहत मिली। आंधी-पानी की वजह से हुए हादसों में बलिया में दो लोगों की मौत हो गई। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर खासी बारिश हुई।

गर्मी की होगी वापसी
एक हफ्ते तक देश भर को लू और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, पर उसके बाद तापमान फिर बढ़ना शुरू होगा।
-डॉक्टर डीएस पई, मौसम वैज्ञानिक

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