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ग्रेटर नोएडा: नाइजीरियाई स्टूडेंट्स के नरभक्षी होने की अफवाह, भारतीय छात्र के लापता होने के बाद फैली सनसनी

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 12वीं कक्षा के छात्र मनीष खरी की रहस्यमय हालात में हुई मृत्यु का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्‍मक तौर पर किया गया है। (Source: Agency)

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 12वीं कक्षा के छात्र मनीष खरी की रहस्यमय हालात में हुई मृत्यु का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। न्यूज वेबसाइट स्क्रॉल की खबर के मुताबिक, बीते शुक्रवार (24 मार्च) को मनीष रात का खाना खाकर अपने घर से बाहर टहलने के लिए निकला था। काफी समय बीत जाने के बाद जब मनीष वापिस घर नहीं लौटा तो परेशना घरवालों और पड़ोसियों ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया। वहीं मनीष अगले ही दिन (शनिवार, 25 मार्च) रहस्यमय ढंग से वापिल अपने एनएसजी ब्लैक कैट एंक्लेव स्थित घर लौट आया। खबर के मुताबिक मनीष जब वापिस लौटा तो उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। उसका दिल घबराहट में था और उसे उल्टी हो रही थी। उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई।

इसी बीच मनीष जब तक लापता रहा, उस समय इस मामले में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मनीष के लापता होने पर ऐसी अफवाह फल गई कि मनीष की हत्या करने में कुछ नाइजीरियाई छात्रों का हाथ है जो मनीष के घर से महज कुछ ही दूरी पर स्थित एक घर में रह रहे थे। लोग नाइजीरियाई छात्रों के घर में पहुंच गए वहां मनीष का कोई सुराग नहीं मिला लेकिन एक अफवाह फैल गई कि नाइजीरियाई छात्रों ने मनीष की हत्याकर उसे खा लिया था। नाइजीरियाई छात्रों पर नरभक्षी होने के आरोप लगाए गए। मनीष के घर वापिस लौटने के बाद भी नाइजीरियाई छात्रों को कोई राहत नहीं मिली। मनीष के परिजनों ने नाइजीरियाई छात्रों के खिलाफ हत्या के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई।

वहीं नाइजीरियाई छात्रों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से गुस्साए अफ्रीकी छात्रों ने ग्रेटर नोएडा के कासना पुलिस स्टेशन के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर एक नाइजीरियाई नजीब उमर ने कहा- “आखिर कैसे कोई इतने अमानवीय आरोप लगा सकता है और ऐसा सोच सकता है। मैं रूम और जर्मनी में भी रहा हूं लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ, मैं जिस दिन भारत से वापिस जाऊंगा यहां पर कभी नहीं लौटूंगा।” वहीं मामले को लेकर ग्रेटर नोएडा पुलिस (ग्रामीण) की एसपी सुजाता सिंह ने बताया कि पांचों छात्रों के खिलाफ हत्या के मामले के तहत केस दर्ज हुआ है लेकिन रविवार को उन्हें छोड़ना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें छोड़ना इसलिए जरूरी था क्योंकि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अभी इस मामले में कोई कमेंट नहीं किया जा सकता क्योंकि पास्टमॉर्टम की फाइनल रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।

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