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दिवाली पर दिल्ली और एनसीआर में वारदात की साजिश नाकाम

यूपी एटीएस ने नोएडा और चंदौली से नक्सली गिरोह से जुड़े 10 खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

Author नई दिल्ली | October 17, 2016 3:19 AM

यूपी एटीएस ने नोएडा और चंदौली से नक्सली गिरोह से जुड़े 10 खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार रात और रविवार सुबह नोएडा के हिंडन विहार और सदरपुर इलाकों से नक्सली गिरोह से जुड़े 9 खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। उनसे मिले इनपुट पर एटीएस की टीम ने रविवार सुबह चंदौली जिले से गिरोह के सरगना सुनील रविदास को गिरफ्तार किया है। रविदास गिरोह का स्वयंभू कमांडर है। उसके पास से सेना की इंसास राइफल, 550 कारतूसों के अलावा तीन एसएलआर मैगजीन भी बरामद हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा में किराए पर मकान लेकर नक्सली संगठनों से जुड़े अपराधियों ने अपना बेस कैंप बना रखा था। इसके अलावा एक दुकान भी किराए पर ले रखी थी। जहां अपने आप को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए रहते थे। बताया गया है कि हिंडन विहार के मकान मालिक को गिरफ्तार बदमाशों ने फर्जी आइडी दी थी। हिंडन विहार इलाके के एक किराए के फ्लैट में बदमाश गुपचुप तरीके से गतिविधियां संचालित कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले एसएसपी धर्मेंद्र यादव को नक्सली गिरोह से जुड़े संदिग्धों के नोएडा में ठिकाना बनाने की जानकारी दी थी। उसी सूचना पर आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) नोएडा ने छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।


यूपी एटीएस के असीम अरुण ने बताया कि बिहार और झारखंड में रुपए कमाना मुश्किल होने के कारण गिरोह ने दिल्ली से सटे नोएडा को अपना ठिकाना बनाया था। जहां से एटीएम लूट, सुपारी हत्या और अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देकर जल्द रुपए कमाने की फिराक में थे। बदमाशों का मकसद दीपावली पर वारदात को अंजाम देना था। इसे लेकर नोएडा में तैयारी चल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से सटे नोएडा में इतने बड़े पैमाने पर नक्सली संगठनों से जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी ने जांच एजंसियों के आगे कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े पैमाने पर हथियार कहां और कैसे आए? हथियारों का प्रशिक्षण कहां मिला? आदि सवालों को लेकर जांच एजंसियों के अधिकारी भी नोएडा पहुंच चुके हैं।
उधर, एसटीएफ ने बदमाशों के स्थानीय मदद को लेकर तफ्तीश तेज कर दी गई है। हालांकि ज्यादातर सूचनाएं गुप्त रखी गई हैं। उधर, फर्जी आइडी के जरिए नक्सली संगठनों से जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद नोएडा में किराएदार जांच अभियान पर फिर सवालिया निशान लग गया है।
हिंडन विहार और सदरपुर से गिरफ्तार बदमाशों के पास से 45 जिलेटिन छड़ें, 125 डेटोनेटर, 3 पिस्तौल 32 बोर, 1 पिस्तौल 9 एमएम, 3 तमंचे, 19 कारतूस, 2 लैपटॉप, 13 मोबाइल, 75 हजार रुपए नकद, 4 कार और 1 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। नोएडा से मधुबनी के रहने वाले पवन उर्फ भाईजी, दनकौर के सचिन, सासाराम बिहार के कृष्ण कुमार राम, बुलंदशहर के सूरज, अलीगढ़ के आशीष, सासाराम के सुनील यादव, बक्सर के शैलेंद्र कुमार, अलीगढ़ के ब्रज किशोर तोमर और रंजीत को पकड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, एक संदिग्ध को पुलिस ने पकड़ रखा था। पूछताछ में उससे मिली सूचनाओं के आधार पर अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है।

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