औद्योगिक महानगर की खस्ताहाल हो चुकी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए नोएडा प्राधिकरण पांच सौ करोड़ रुपए खर्च करेगा। जिसके जरिए शहर की करीब डेढ़ सौ किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत होगी। पहली प्राथमिकता उन सड़कों को दी जा रही है, जो बारिश और मरम्मत के आभाव में पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं। इसके लिए सभी दस वर्क सर्कलों में निविदा जारी की जा रही हैं।
सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
बताया गया है कि पुराने और व्यस्त सेक्टर, जो वर्क सर्कल एक से पांच के बीच हैं, उनकी हालत ज्यादा खराब है। इनमें कई जगहों पर सड़क उखड़ चुकी हैं, जबकि कई मार्गों पर बड़े- बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसी सड़कें दो पहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं को लेकर खतरनाक साबित हो रही हैं। योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर इन सड़कों की पहले मरम्मत कराई जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, निविदा में ना केवल सड़कें, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और पैदल यात्रियों की सुविधा पर भी ध्यान दिया जाएगा। जिसके तहत फुटपाथों की मरम्मत, टूट-फूट ठीक करना और पथ-विभाजकों की रंगाई-पुताई शामिल है। खराब हो चुके पथ विभाजकों को दोबारा बनाया जाएगा, ताकि पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
अधिकारियों को क्या निर्देश?
सड़कों को दुरुस्त करने के लिए अप्रैल अंत तक का लक्ष्य रखा गया है। तय समय पर काम पूरा हो, इसके लिए विभिन्न वर्क सर्कलों को समानांतर रूप से काम कराया जाएगा। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित ना हो, इसके लिए वैकल्पित व्यवस्था भी प्राधिकरण इंजीनियरों के स्तर पर तैयार की जा रही है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह के मुताबिक, सड़कों को दुरुस्त करने की निविदा प्रक्रिया चल रही है। औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। शहर में सड़कों की स्थिति सुधारना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। जिससे यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
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