नोएडा के सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव को कफन देने के नाम पर कर्मचारियों द्वारा तीन हजार रुपए मांगे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम न देने पर कर्मचारियों ने शव को हाथ तक नहीं लगाया, जिसके चलते परिजनों को मजबूरी में खुद ही शव को कफन में लपेटकर घर ले जाना पड़ा। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, चिपियाना क्षेत्र निवासी युवक रचित ने सोमवार को एक पार्क में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 स्थित शव विच्छेदन गृह भेजा। मृतक के परिजन राहुल ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के बाद जब उन्होंने कर्मचारियों से शव को कफन में लपेटने की बात कही, तो उनसे इसके बदले तीन हजार रुपए की मांग की गई।

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परिजनों ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रुपए देने में असमर्थता जताई, जिस पर कर्मचारियों ने शव को लपेटने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि स्ट्रेचर न मिलने पर शव कई घंटों तक जमीन पर पड़ा रहा। मजबूर होकर वे श्मशान घाट से कफन लेकर आए और खुद ही प्लास्टिक पन्नी से शव निकालकर कफन में लपेटा। इस दौरान उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा। आरोप है कि जब परिजनों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

मामला सामने आने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ है। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोस्टमार्टम हाउस प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस वीडियो के बाद जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें सेक्टर 94 स्थित मुर्दाघर में पोस्टमार्टम के बाद एक व्यक्ति के शव पर उसके परिजन कथित तौर पर खुद कपड़ा लपेटते दिख रहे हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वीडियो में एक व्यक्ति यह आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहा है कि शवगृह के कर्मचारियों ने शव को ढकने के लिए कपड़ा देने से इनकार कर दिया, जिसके कारण परिवार को शव को स्वयं कपड़े में लपेटना पड़ा।

उसने यह भी दावा किया कि परिवार की सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था और उनसे पैसे मांगे गए। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने शवगृह के नोडल अधिकारी को घटना की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच का आदेश दिया गया है तथा दोषी पाये पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई होगी।