ताज़ा खबर
 

ठंडे बस्ते में पड़ी एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम

जानकारों के मुताबिक, पूर्व में मायावती सरकार में ही इन परियोजनाओं की कार्य योजना तैयार कर ली गई थी। मौजूदा सरकार ने आर्थिक तंगी के चलते इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन अब इन पर दोबारा काम शुरू हो गया है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, एलिवेटेड सड़क बनाने में प्रति किलोमीटर करीब 100 करोड़ रुपए का खर्च आता है। इसके हिस्से (सेगमेंट) अलग यार्ड में बनाए जाते हैं, जिन्हें परियोजना स्थल पर लाकर जोड़ा जाता है।

Author November 26, 2018 8:58 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

महंगी लागत के कारण शहर की जिन एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, उन्हें बढ़ते वायु प्रदूषण और वाहनों के जाम से निपटने के लिए दोबारा जीवंत किया जा रहा है। इस कड़ी में शहर के सबसे लंबे डीएससी (दादरी-सूरजपुर- छलेरा) मार्ग पर 460 करोड़ रुपए की लागत से 5.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क सेक्टर-41 स्थित आगहापुर पेट्रोल पंप से सेक्टर-82 स्थित एनएसईजेड (नोएडा विशेष निर्यात क्षेत्र) तक जाएगी। इस परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2019 से शुरू कराने की योजना है। इसके अलावा नोएडा प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम के स्थायी समाधान के लिए चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर होते हुए एक्सप्रेस-वे तक एलिवेटेड सड़क की डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाली इस एलिवेटेड सड़क पर वाहनों के चढ़ने और उतरने के लिए चार जगहों पर स्लिप मार्ग दिए जाएंगे। साथ ही मास्टर प्लान मार्ग नंबर-1 पर सेक्टर-19 चौराहे से 12/22 तक एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए डीपीआर तैयार कराई गई है।

जानकारों के मुताबिक, पूर्व में मायावती सरकार में ही इन परियोजनाओं की कार्य योजना तैयार कर ली गई थी। मौजूदा सरकार ने आर्थिक तंगी के चलते इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन अब इन पर दोबारा काम शुरू हो गया है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, एलिवेटेड सड़क बनाने में प्रति किलोमीटर करीब 100 करोड़ रुपए का खर्च आता है। इसके हिस्से (सेगमेंट) अलग यार्ड में बनाए जाते हैं, जिन्हें परियोजना स्थल पर लाकर जोड़ा जाता है। लागत को सीमित करने और काम में तेजी लाने के लिए यार्ड को एलिवेटेड सड़क परियोजना के आसपास बनाने की कोशिश की जा रही है। डीएससी मार्ग पर प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क को वित्तीय संकट के चलते स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इस काम को दोबारा स्वीकृत किया गया है। अधिकारियों ने सर्वे कर नई योजना तैयार की है।

सेक्टर-49 स्थित बरौला गांव से सेक्टर-82 तक जाने वाली सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से यहां भी दिनभर जाम लगा रहता है। खासतौर पर बरौला, सलारपुर व भंगेल में भारी जाम से निदान के लिए 2009 में एलिवेटेड मार्ग बनाने की योजना तैयार की गई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App