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नोएडा : पार्क में नमाज पढ़ने इकट्ठे होते थे हजार से ज्यादा लोग! मौलाना समेत 2 नजरबंद

नोएडा सेक्टर-58 के पार्क में शुक्रवार दोपहर के वक्त नमाज पढ़ने की शिकायत के बाद पुलिस ने एक मौलाना समेत दो लोगों को नजरबंद किया था। बताया जा रहा है कि यह मौलाना करीब 5 साल से पार्क में लोगों को नमाज पढ़ने में मदद कर रहा है। वहीं, दूसरे युवक की पहचान मुस्लिम अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता आदिल रशीद के रूप में हुई।

Author December 27, 2018 10:49 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

नोएडा सेक्टर-58 के पार्क में शुक्रवार दोपहर के वक्त नमाज पढ़ने की शिकायत के बाद पुलिस ने एक मौलाना समेत दो लोगों को नजरबंद किया था। बताया जा रहा है कि यह मौलाना करीब 5 साल से पार्क में लोगों को नमाज पढ़ने में मदद कर रहा है। वहीं, दूसरे युवक की पहचान मुस्लिम अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता आदिल रशीद के रूप में हुई। उसे सीआरपीसी की धारा 151 के तहत पकड़ा गया। हालांकि, तीन दिन बाद कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया। मौलाना नूमान अख्तर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पिछले 5 साल के दौरान पार्क में नमाज पढ़ने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई। इलाके की प्राइवेट कंपनियों को पुलिस का नोटिस मिलने की वजह यह भी हो सकती है। पुलिस ने कंपनियों से कहा है, ‘‘वे यह सुनिश्चित करें कि उनके कर्मचारी पार्क में नमाज न पढ़ें।’’ मौलाना ने बताया, ‘‘मैं 2013 से पार्क में नमाज पढ़ा रहा हूं। शुरुआत में 100-200 लोग आते थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती चली गई। फिलहाल शुक्रवार के दिन करीब एक हजार लोग पार्क में नमाज पढ़ते हैं, लेकिन यह काम काफी शांतिपूर्ण तरीके से होता है।’’

14 दिसंबर को पुलिस ने दी थी सूचना 

मौलाना ने बताया, ‘‘14 दिसंबर को पुलिस ने उनसे यह घोषणा करने के लिए कहा कि आगे से पार्क में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। उस दिन करीब 2 हजार लोग नमाज पढ़ रहे थे। पुलिस ने अधिकारियों से नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं लेने का हवाला दिया, जबकि यह कदम हम पहले ही उठा चुके थे। ऐसे में मैंने लोगों से कहा कि अनुमति मिलने तक पार्क में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है।’’

नमाज को लेकर जारी हुआ एक वीडियो

इस संबंध में बुधवार को एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति राशिद और अख्तर से नमाज पढ़ने की अनुमति के बारे में पूछताछ कर रहा है। राशिद ने बताया, ‘‘14 दिसंबर से कुछ दिन पहले जब हम पार्क में नमाज पढ़ रहे थे, उस वक्त एक व्यक्ति मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग कर रहा था। हालांकि, उस वक्त हम तीन-चार लोग ही थे। उसके सवाल पूछने का तरीका ऐसा था, जैसे हम उसे परेशान कर रहे थे।’’

पुलिस ने वीडियो की जानकारी होने से इनकार किया

सेक्टर-58 थाना प्रभारी पंकज राय से बात की गई तो उन्होंने वीडियो और पुलिस की कार्रवाई में कोई संबंध होने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे किसी वीडियो के बारे में जानकारी नहीं मिली है। हमने यह कार्रवाई पार्क के पास स्थित बिशनपुरा जैसे इलाकों के लोगों की शिकायत पर की। अधिकारियों के मुताबिक, पार्क में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि करने की इजाजत नहीं है।’’

चंदा करके जुटाया गया था नमाज का सामान

सेक्टर-65 स्थित एक कंपनी में काम करने वाले मुर्तजा लाल ने बताया, ‘‘स्थानीय कंपनियों के काफी लोग पार्क में नमाज पढ़ते थे। इसके लिए पार्क में पानी और नमाज पढ़ने के लिए चटाई आदि का इंतजाम किया गया था। इनके लिए पैसा चंदा करके जुटाया गया था। यह पार्क मेरे जैसे काफी लोगों के लिए सुविधाजनक था, क्योंकि काम के दौरान हम मस्जिद नहीं जा सकते हैं।’’

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