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एक्वा मेट्रो: स्मार्ट कार्ड प्रणाली को अपग्रेड कर रहे हैं डीएमआरसी और एनएमआरसी, एक कार्ड बनाएगा नोएडा से लेकर दिल्ली तक ‘स्मार्ट’

एक्वा लाइन के यात्रियों के पास सफर करने के लिए दो विकल्प थे। एक टिकट और स्मार्ट कार्ड, आज से तीसरा विकल्प मोबाइल एप भी मिल रहा है। एप का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को टिकट की लाइन में नहीं लगना होगा।

Author Published on: February 7, 2019 6:21 AM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

नोएडा मेट्रो स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल एक महीने बाद दिल्ली मेट्रो में भी किया जा सकेगा। इसके लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) अपने स्मार्ट कार्ड प्रणाली को अपग्रेड कर रहे हैं। फरवरी के अंत तक कार्ड प्रणाली के अपग्रेड होने की उम्मीद है।
एनएमआरसी के एमडी आलोक टंडन ने बुधवार को एनएमआरसी मोबाइल एप की शुरुआत के मौके पर यह जानकारी दी। हालांकि डीएमआरसी का टोकन और एनएमआरसी का क्यूआर कोड एक दूसरे की लाइन पर अभी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक एक्वा लाइन के यात्रियों के पास सफर करने के लिए दो विकल्प थे। एक टिकट और स्मार्ट कार्ड, आज से तीसरा विकल्प मोबाइल एप भी मिल रहा है। एप का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को टिकट की लाइन में नहीं लगना होगा। एप को डाउनलोड कर इससे मिलने वाले क्यूआर कोड से सफर किया जा सकेगा। एनएमआरसी के स्मार्ट कार्ड के लिए एसबीआइ से समझौता हुआ है।

ऐसे होगा इस्तेमाल: एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय ने बताया कि एक्वा लाइन पर सफर करने वालों के लिए मोबाइल एप पेटीएम की तर्ज पर काम करेगा। गूगल प्ले स्टोर से एनएमआरसी एप को डाउनलोड किया जा सकेगा। एप को डाउनलोड करने के बाद मुसाफिर को अपना नाम, नंबर समेत डेबिट या क्रेडिट कार्ड के विकल्प की जानकारी देनी होगी। पंजीकरण के बाद जिस स्टेशन से जहां तक सफर करना होगा, उसे चुनना होगा। उसके बाद एसबीआइ का पेमेंट गेटवे खुल जाएगा। भुगतान हो जाने के बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा। इस दिखाने पर स्टेशन पर गेट खुल जाएगा। गंतव्य स्टेशन पहुंचने पर एक और क्यूआर कोड मोबाइल एप पर आएगा। इसका इस्तेमाल कर स्टेशन से बाहर निकला जाएगा। इस एप को खाते से जोड़कर रिचार्ज भी किया जा सकेगा। यात्रा की शुरुआत में हरे रंग का और यात्रा पूरी होने पर लाल रंग का क्यूआर कोड जनरेट होगा। टिकट लेने के 30 मिनट में यात्री को सफर करना होगा। क्यूआर कोड की अवधि 90 मिनट होगी।

एक्वा और ब्लू लाइन के बीच चलेंगीं मुफ्त फीडर बसें: एक्वा लाइन और डीएमआरसी की ब्लू लाइन के बीच मुफ्त फीडर बसें मुसाफिरों को एक-दूसरी लाइन से जोड़ेंगी। इन बसों का संचालन तब शुरू होगा, जब सिटी सेंटर से सेक्टर- 62 इलेक्ट्रानिक सिटी तक जाने वाली ब्लू लाइन का संचालन शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि मार्च के अंत तक ब्लू लाइन विस्तार के वाणिज्यिक संचालन की मंजूरी मिल जाएगी। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-71 को सीधे आपस में जोड़ने वाले कॉरिडोर के निर्माण पर अभी पेंच फंसा हुआ है। तब तक मुसाफिरों को ब्लू लाइन और एक्वा लाइन इंटरचेंज के लिए एनएमआरसी की फीडर बसों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

हर आधे घंटे में मिलेगी फीडर बस: दिल्ली के वे मुसाफिर, जिन्हें ग्रेटर नोएडा या एक्वा लाइन के स्टेशन तक जाना है, वे बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर उतर कर फीडर बसों के जरिए सेक्टर-142 एक्वा लाइन के स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। हर आधा घंटे में यह बस सेवा उपलब्ध होगी। सुबह सात बजे से रात 10 बजे तक इन बसों को चलाया जाएगा। जानकारों के मुताबिक बॉटैनिकल गार्डन और सिटी सेंटर की एक्वा लाइन से कनेक्टिविटी नहीं है। इस वजह से दिल्ली से ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोग बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर उतर कर महज 45 मिनट में बस से ग्रेटर नोएडा पहुंच रहे हैं। इस कमी को दूर करने के लिए एनएमआरसी ने फीडर बस सेवा शुरू की है ताकि बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से उतरे यात्रियों को सेक्टर-142 एक्वा लाइन के मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाएंगी।

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