प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनआईए) के प्रथम चरण का उद्घाटन किया था। जिसके बाद अब श्रमिक अगले कुछ महीनों में एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार करने में जुट गए हैं।
टर्मिनल भवन का भीतरी भाग पहले से ही लगभग तैयार है। गुरुवार दोपहर मीडिया से बातचीत के दौरान साइट पर मौजूद एक सुपरवाइजर ने बताया, “हवाई अड्डे का निर्माण कार्य 80% पूरा हो चुका है। केवल कुछ चीजें जैसे बिजली के उपकरण, सीसीटीवी कैमरे और गैस सप्लाई सिस्टम का काम बाकी है। ये काम बहुत जल्द पूरे हो जाएंगे।”
नोएडा एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा रनवे उड़ानों के लिए तैयार
1,334 हेक्टेयर जमीन पर फैले इस एयर पोर्ट का विकास चार चरणों में किया जाएगा और अनुमान है कि पहले चरण के अंत तक इसकी यात्री वहन क्षमता प्रति वर्ष 12 मिलियन होगी। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे पर 3900 मीटर लंबा रनवे उड़ानों के लिए तैयार है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकारी ने कहा, “हम एयर पोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद 45 दिनों के भीतर हम घरेलू उड़ाने शुरू कर सकेंगे।” अधिकारी ने आगे कहा, “इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा ने हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने में रुचि दिखाई है और सिक्योरिटी प्रोग्राम पूरा होने के बाद, नागरिक उड्डयन नियामक निदेशालय (DGCA) स्लॉट तय करेगा। अंतरराष्ट्रीय और कार्गो उड़ानें साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।”
नोएडा एयर पोर्ट पर क्या हैं सुविधाएं?
ग्रेटर नोएडा के जेवर में स्थित यह एयर पोर्ट दिल्ली-एनसीआर की आबादी के एक बड़े हिस्से के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को भी सेवा प्रदान करेगा। हवाई अड्डे की इमारत का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की विशेषताओं और परंपराओं, इसके पवित्र शहरों और नदियों को प्रदर्शित करना है। अधिकारियों ने बताया कि अत्याधुनिक एयरपोर्ट में यात्रियों के आराम और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए सभी सुविधाएं, साधन और तकनीक मौजूद होंगी।
एक अधिकारी ने बताया, “यात्री अपने फोन में मौजूद डिजियात्रा ऐप का उपयोग करके टर्मिनल बिल्डिंग के प्रवेश द्वार से लेकर बोर्डिंग गेट तक आसानी से पहुंच सकते हैं।” हवाई अड्डे का टर्मिनल 11,37,985 वर्ग मीटर में फैला हुआ है और इसमें 48 चेक-इन काउंटर और 20 बैगेज ड्रॉप-ऑफ स्टेशन होंगे। अधिकारियों ने बताया कि नौ सुरक्षा लेन से सुरक्षा जांच में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में दस घरेलू गेटों पर एयरोब्रिज होंगे।
नोएडा एयर पोर्ट के डिजाइन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का ध्यान रखा गया है। वेटिंग रूम में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और बांस की कुर्सियां लगाई गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि यहां इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन होंगे और हवाई अड्डे के एयरसाइड पर पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा होगा। हवाई अड्डे पर एक रेल मार्ग परिवहन प्रणाली (RRTS) की भी योजना है।
90 साल का हुआ लोधी गार्डन
सदियों पुराने मकबरों, दुर्लभ पौधों और पक्षियों की प्रजातियों का घर लोधी गार्डन गुरुवार को 90 वर्ष का हो गया। राष्ट्रीय राजधानी के मध्य स्थित इस उद्यान को नौ अप्रैल 1936 को ‘लेडी विलिंगडन पार्क’ के नाम से शुरू किया गया था, जिसका नाम उस समय के वायसराय की पत्नी के नाम पर रखा गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
