ताज़ा खबर
 

हरित दौड़ में अव्वल रहने की जंग लड़ रहा नोएडा

सबसे ज्यादा हरित क्षेत्र वाले इलाके के रूप में अपनी पहचान बरकरार रखने के लिए नोएडा में विविधता भरे हरे प्रयोग हो रहे हैं।

Author नोएडा | April 4, 2018 2:09 AM
नोएडा साइकिल ट्रैक

सबसे ज्यादा हरित क्षेत्र वाले इलाके के रूप में अपनी पहचान बरकरार रखने के लिए नोएडा में विविधता भरे हरे प्रयोग हो रहे हैं। नोएडा- ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे से जुड़े सेक्टर- 91 के करीब 154 एकड़ इलाके को हरा-भरा बनाने का काम चल रहा है। इतने बड़े इलाके के हरित क्षेत्र में तब्दील होने का असर ना केवल यहां रहने वालों पर पड़ेगा, बल्कि एक्सप्रेस वे या इस इलाके के आसपास से गुजरने वाले भी कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो चुके शहर में खुलकर सांस ले पाएंगे।

सेक्टर-91 में नोएडा प्राधिकरण 29 एकड़ के क्षेत्रफल में औषधीय पार्क बना रहा है। करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से इस पार्क का काम अगले दो महीने में पूरा होगा। इससे जुड़े 50 एकड़ जमीन पर बहुत पुराना जंगल है। इसे भी आवागमन योग्य बनाने के लिए सुबह और शाम टहलने के लिए फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। इस दोनों से जुड़े 75 एकड़ जमीन पर शहर के सबे बड़े जैव विविधता पार्क को बनाया जा रहा है। करीब 42 करोड़ रुपए की लागत से इस पार्क को देश की छह किस्म की जमीन के आधार बनाया जा रहा है। पश्चिमी उप्र का सबसे बड़ा यह जैव विविधता (बायो डायवर्सिटी) पार्क दिल्ली- एनसीआर समेत पश्चिमी उप्र के लिए एक हरित पर्यटक स्थल की पहचान बनाएगा। नोएडा प्राधिकरण के निदेशक बागवानी ओमवीर सिंह ने बताया कि शहर में मेघदूतम, एक्सप्रेस व्यू आदि बड़े पार्क पहले से हैं। इन पार्कों का क्षेत्रफल 25-30 एकड़ है। कई वर्षों से सेक्टर-91 में जैव विविधता और औषधीय पार्क बनाने की योजना बनाई जा रही थीं।

पिछले डेढ़ साल से 29 एकड़ जमीन पर औषधीय पार्क बनाया जा रहा है। जो अगले दो महीने में पूरी तरह से तैयार होने पर जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे सटे 50 एकड़ जमीन पर स्थित पुराने जंगल के बीच पैदल चलने और दौड़ने के लिए फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। वहीं सबसे महत्त्वाकांक्षी जैव विविधता पार्क को 75 एकड़ में बनाने का काम शुरू किया गया है। करीब डेढ़ साल में पश्चिमी उप्र के पहले जैव विविधता पार्क की सौगात मिलेगी। इस पार्क में देश में छह किस्म की जमीनें-कोहि, बांगर, खादर, डाबर, ग्रासलेंड और वेटलेंट के पेड़- पौधे लगाए जाएंगे। 4300 दीर्घ आयु वाले बड़े वृक्ष, 99 हजार अलंकृत पौधे और 4 लाख जमीन पर फैलने वाले झाड़ियां लगेंगी। पार्क में समारोह आदि के लिए एक छोटा भवन, लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, बालक (चिल्ड्रन) पार्क, पैदल पथ और खुला मंच (ओपन एंफिथिएटर) की सुविधा होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App