ताज़ा खबर
 

7000 करोड़ रुपए हो सकता है नोएडा का बजट

नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय बोर्ड बैठक शुक्रवार को होगी। यह अप्रैल, 2017 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष की पहली बोर्ड बैठक होगी।

Author नोएडा | June 2, 2017 00:52 am
नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय बोर्ड बैठक शुक्रवार को होगी। यह अप्रैल, 2017 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष की पहली बोर्ड बैठक होगी।

नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय बोर्ड बैठक शुक्रवार को होगी। यह अप्रैल, 2017 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष की पहली बोर्ड बैठक होगी। बैठक में प्राधिकरण के वित्तीय बजट में करीब 2 हजार करोड़ रुपए की कटौती कर 7 हजार रुपए तय होने की संभावना है। इसके लिए प्राधिकरण कागजों में तैयार हुई योजनाओं को बंद कर निर्माणाधीन परियोजनाओं को तवज्जो देगी।
शहरवासियों की सुविधाओं को ज्यादा तवज्जो देने के अलावा बुनियादी विकास के लिए कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी (सीएसआर) की मदद लेने का फैसला लिया गया है। इस मद में आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों को अलग- अलग खेमे में बांटा गया है। बताया गया है कि वित्तीय बैठक का अहम मुद्दा शहर के औद्योगिक स्वरूप के अलावा साफ-सफाई को बनाए रखना है। इसे लेकर बैठक में कई प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे। पहला अहम मुद्दा गांवों में शौचालयों के निर्माण का है। इसके लिए बड़े उद्योग और औद्योगिक घरानों से सीएसआर के तहत मदद ली जाएगी। कॉरपोरेट क्षेत्र से गांवों में शौचालयों के निर्माण कराने को कहा गया है। वहीं रिहायशी सेक्टरों के पार्कों को संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन (आरडब्ल्युए) को हस्तांतरित करने की योजना है। यहां भी सीएसआर और आरडब्लूए, दोनों को पार्कों को ग्रीन बेल्ट के विकास एवं रख- रखाव की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है। औद्योगिक सेक्टरों के पार्क और ग्रीन बेल्ट के विकास की जिम्मेदारी फैक्ट्री संचालक संभालेंगे। इसके साथ ही घरों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी भी आरडब्लूए को दिए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए प्राधिकरण छूट (सबसिडी) पर आरडब्लूए को कंपोस्ट मशीन देगी। कंपोस्ट मशीन से निकलने वाली खाद का सेक्टर के पार्क और ग्रीन बेल्ट में खाद के रूप में इस्तेमाल होगा। हालांकि सभी समझौतों में प्राधिकरण की मध्यस्ता होगी।

औद्योगिक आबंटन होगा आसान
इसके अलावा औद्योगिक भूखंडों के आबंटन में सरलता लाने की पहल भी प्राधिकरण में शुरू होने की उम्मीद है। पहले जहां 1 हजार वर्गमीटर के नक्शे आसानी से पास किए जाते थे। जबकि इससे बड़े भूखंडों के लिए दमकल एनओसी की जरूरत पड़ती थी। अब इस दायरे को 1 हजार से बढ़ाकर 2500 मीटर करने की तैयारी है। यानी अब 2500 वर्ग मीटर भूखंड के नक्शे पास कराने में दमकल विभाग की एनओसी की जरूरत नहीं होगी। प्राधिकरण में लंबे समय से नई भर्ती नहीं होने की वजह से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संविदा पर रखने का फैसला किया गया है।
इस नीति में सेवानिवृत्त कर्मचारी को वहीं काम दिया जाएगा, जिसे उसे पहले से करने का अनुभव है। बिल्डरों पर बकाए भुगतान की समस्या से निपटने के लिए प्राधिकरण ने आबंटन शुल्क को 10 से 40 फीसद करना तय किया है। इसके बाद बिल्डर या निजी संस्थानों को कुल कीमत की 40 फीसद रकम जमा कराने पर ही कब्जा मिल पाएगा। उल्लेखनीय है कि बिल्डरों पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण का करीब 30 हजार करोड़ रुपए बकाया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App