उत्तर प्रदेश की संभल लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। बर्क ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई, तब से मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को परेशान कर सकते हो, लेकिन कोई भी उन्हें बर्बाद या तबाह नहीं कर सकता।
जिया उर रहमान बर्क ने कहा, “अफसोस है कि जब से सरकार बनी है, उसका मुसलमानों को टारगेट करने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं रहा है। इसी के तहत मदरसों की जांच के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि मैं तो कहता हूं कि केवल मदरसों की ही जांच क्यों हो? जहां-जहां मिड्डे-मील पहुंचता है, वहां सभी की जांच होनी चाहिए।”
बर्क ने कहा कि सरकार की इस मंशा से साफ होता है कि वो सिर्फ मुस्लिम को ही टारगेट करना चाहती है। उन्होंने कहा कि फिर भी आप मदरसों की जांच करेंगे जो कहीं भी कोई चीज गलत नहीं पाई जाएगी। फिर अगर कहीं कोई गलती मिलती है तो उसको सभी से नहीं जोड़ना चाहिए।
मुसलमानों को लेकर सपा सांसद ने आगे कहा कि आप इस मुसलमानों को टारगेट कर सकते हैं, लेकिन तबाह और बर्बाद नहीं कर सकते है।
बता दें, समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 में जिया उर रहमान बर्क के दादा डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क़ को टिकट देकर प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन इस दौरान उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई। जिसके बाद समाजवादी पार्टी ने जिया उर रहमान बर्क को टिकट देकर प्रत्याशी बनाया था। जिसके बाद जिया उर रहमान बर्क़ ने भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी को लगभग सवा लाख वोटो से हरा कर बड़ी जीत हासिल की। जिया उर रहमान बर्क़ ने इतने बड़े अंतर हारकर अपने दिवंगत दादा डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क़ की राजनीतिक विरासत को बरकरार रखने में कामयाबी हासिल की।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे जिया उर रहमान बर्क
जिया उर रहमान बर्क की शुरुआती प्राइमरी की पढ़ाई तो संभल में ही हुई लेकिन कक्षा पांचवी में उनका दाखिला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में करा दिया गया। वहां से पहले उन्होंने राजनीतिक शास्त्र में बीए किया और फिर रुहेलखंड विश्वविद्यालय से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन किया। उन्होंने नोएडा से लॉ की पढ़ाई एलाइड कॉलेज से की। पढ़ाई के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में वह छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। राजनीतिक गुण उन्होंने अपने दादा डॉ शफीकुर्रहमान बर्क़ से सीखे और 2022 में पहली बार सपा के टिकट पर मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर विधायक बने।
मालदा में न्यायिक अफसरों को बंधक बनाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बनाए जाने की घटना पर नाराजगी जताई। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा की घटना से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था अब उनके हाथों में नहीं है और अधिकारियों की सुरक्षा करने में विफल रहने के लिए चुनाव आयोग को दोषी ठहराया। पढ़ें पूरी खबर।
