Kanpur Lamborghini Crash: कानपुर के वीआईपी रोड पर हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे की जांच कर रही पुलिस ने कहा है कि आरोपी शिवम कुमार मिश्रा से आगे पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। जांच अधिकारी और कार्यवाहक प्रभारी दिनेश कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि गिरफ्तारी के समय जितनी भी पूछताछ जरूरी थी, वह की जा चुकी है। उसे दोबारा बुलाने की कोई जरूरत नहीं है।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मिश्रा को गुरुवार को सुबह 8.50 बजे गिरफ्तार किया गया और लगभग 70 मिनट के भीतर अदालत में पेश किया गया। अधिकारी ने आगे कहा कि इतने कम समय में गिरफ्तारी की औपचारिकताएं, पूछताछ और अदालत में पेशी कैसे पूरी की गईं, इस बारे में कुछ हलकों में सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर जांच अधिकारी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने बताया कि मिश्रा ने लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार से संबंधित दस्तावेज जमा कर दिए हैं और उनकी ओर से कोई और कागजी कार्रवाई लंबित नहीं है। जांच अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जांच जारी है। सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
स्थानीय तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गुरुवार को कानपुर की एक अदालत ने जमानत दे दी थी। शिवम मिश्रा को यह जमानत उनकी गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही मिल गई थी। अदालत ने निर्देश दिया कि शिवम को जांच में सहयोग करना होगा और निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होना होगा।
क्या थी यह पूरी घटना?
हाल ही में कानपुर के पॉश ग्वाल्टोली इलाके में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने बाद में इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, शिवम के वकील ने दावा किया था कि तौफीक का आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है और अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता।
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इस मामले में उस समय नया मोड़ आया जब मोहन ने दावा किया कि दुर्घटना के समय वाहन वही चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से साबित होता है कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से मिली जानकारी के आधार पर की गई पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वाहन की स्पीड तेज थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में निजी सुरक्षाकर्मी दुर्घटना के तुरंत बाद चालक की सीट से शिवम को खींचते और फिर उसे एक अन्य एसयूवी में बैठाकर घटनास्थल से ले जाते दिखाई दिए थे।
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