Uttam Nagar Murder: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली नगर निगम से कहा कि वह उत्तम नगर में होली के दिन हुई हिंसा के मामले में कथित तौर पर शामिल व्यक्तियों के दो घरों के संबंध में 11 मार्च तक तोड़फोड़ की कोई कार्रवाई न करे। हिंसा में 36 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने आरोपी इमरान की मां जरीना, और शहनाज की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह बात कही, जिनके बच्चों से पुलिस ने पूछताछ की थी।
मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया
अदालत ने कहा कि बुधवार सुबह 10:30 बजे तक, जब इस मामले पर सुनवाई होगी, कुछ भी नहीं होना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने उत्तम नगर की जेजे कालोनी में स्थित अपने आवासीय परिसरों को मनमानी और अवैध तोड़फोड़ से बचाने के लिए निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था। अधिकारियों की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत से बुधवार को मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि इस बीच उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। जरीना ने अपनी याचिका में कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा आरोपी उमरदीप के घर को ध्वस्त किए जाने से इलाके में आतंक और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप यह वास्तविक आशंका है कि कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना उसका घर भी ध्वस्त किया जा सकता है।
याचिका में कहा गया कि तोड़फोड़ का आपराधिक मामलों में दंडात्मक उपाय के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, और इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी करना तथा संबंधित व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर प्रदान करना आवश्यक है। दोनों याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलीलों में कहा कि एक ‘पूरी तरह से व्यक्तिगत’ विवाद को दुर्भावनापूर्ण तरीके से सांप्रदायिक रंग दिया गया है।
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दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुई घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। होली के रंग को लेकर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या किए जाने के बाद से इलाके में तनाव है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि इतनी छोटी सी बात पर किसी की हत्या कर देना अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोपियों और उनके परिवार जो घटना के बाद से घर छोड़कर फरार हैं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें…
