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देश का विश्वास, मोदी के साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चार साल में देश में हुए विकास के इतने कार्यों के बावजूद ‘अहंकार’ के कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें सवा सौ करोड़ देशवासियों ने चुना है और ‘यहां से कोई न उठा सकता है, न बैठा सकता है।’

Author July 21, 2018 3:03 AM
राहुल गांधी पीएम मोदी के गले लगते हुए। (image source-PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चार साल में देश में हुए विकास के इतने कार्यों के बावजूद ‘अहंकार’ के कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें सवा सौ करोड़ देशवासियों ने चुना है और ‘यहां से कोई न उठा सकता है, न बैठा सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि अहंकार ही कहता है कि हम खड़े होंगे तो प्रधानमंत्री 15 मिनट तक खड़े नहीं हो पाएंगे। लेकिन मैं खड़ा भी हूं और चार साल जो काम किए हैं, उस पर अड़ा भी हूं। लगभग डेढ़ घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के तमाम आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने पूरे समय निशाने पर कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार को रखा लेकिन खास तौर से उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘आंखों में आंखें नहीं डाल पाने’ संबंधी टिप्पणी पर प्रधानमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि एक गरीब मां का बेटा, पिछड़ी जाति से आने वाला नरेंद्र मोदी ऐसा साहस कैसे कर सकता है? प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने देखा है कि आंखों में आंख डालने पर सुभाष चंद्र बोस के साथ क्या हुआ, चौधरी चरण सिंह के साथ क्या हुआ, जयप्रकाश नारायण के साथ क्या हुआ, मोरारजी देसाई के साथ क्या हुआ, सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ क्या हुआ? आंख में आंख डालने वालों को ठोकर मारकर बाहर कर दिया गया।

राहुल को लक्ष्य करते हुए हुए मोदी ने कहा, ‘आप तो नामदार है, मैं तो कामगार हूं। हम आपकी आंख में आंख कैसे डाल सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि आंखों का खेल पूरे देश ने देखा है। आंखों की बात करके ‘आंख की हरकत’ पूरे देश ने देखी है। आंखों की बात करके सत्य को पूरी तरह से कुचला गया है। इससे हमें अपनी बात करने का मौका तो मिल ही रहा है, साथ ही देश को देखने को मिल रहा है कि विपक्ष में कैसी नकारात्मकता है। उन सबका चेहरा निखरकर सजधज कर बाहर आया है। उन्होंने कहा कि कभी तो लगता है कि आज उनके (विपक्षी दलों के) सारे भाषण, उनका व्यवहार अज्ञानवश नहीं है। यह झूठे आत्मविश्वास के कारण भी नहीं। अहंकार इस प्रकार की प्रवृत्ति के लिए खींच लाया। मैं प्रार्थना करूंगा कि साल 2024 में आपको इतनी शक्ति दे कि आप फिर अविश्वास प्रस्ताव लाएं। मेरी आपको शुभकामनाएं।’ रफाल सौदे पर राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय पर इस तरह ‘बचकाना रवैया’ ठीक नहीं है। रफाल को लेकर समझौता जिम्मेदार सरकारों के बीच और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। यह दो जिम्मेदार सरकारों के बीच सौदा है, दो कारोबारी पार्टियों के बीच नहीं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की बात करना ठीक नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि नामदार के आगे तो मैं प्रार्थना ही कर सकता हूं। देश के सेनाध्यक्ष के बारे में टीका-टिप्पणी करना ठीक नहीं है। जो देश के लिए मर मिटने को तत्पर होते हैं, उनके बारे में इस तरह की बात करना ठीक नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक को ‘जुमला स्ट्राइक’ कहने के लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको अगर गाली देना है, तो मोदी तैयार है लेकिन देश के जवानों के पराक्रम पर प्रहार नहीं करें। सर्जिकल स्ट्राइक की तुलना जुमला स्ट्राइक से करना देश की सेना का अपमान है। रोजगार का जिक्र करते प्रधानमंत्री ने कहा कि सितंबर 2017 से मई 2018 तक नौ महीने में संगठित क्षेत्र में 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। एक साल के लिये यह आंकडा जोड़ें तक यह संख्या 70 लाख होगी । संगठित और असंगठित क्षेत्र में एक साल में एक करोड़ लोगों से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है और यह एक स्वतंत्र एजंसी का आंकड़ा है।

‘हिंसा की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करें राज्य’
देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता और राज्य सरकारें ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करें। मोदी ने कहा, हाल के समय में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। ये घटनाएं दुखद हैं और मानवता के मूल सिद्धांत के विरुद्ध हैं। राज्य सरकारें कदम उठा रही हैं।

सदन में नारेबाजी

लोकसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान आज तेलुगु देशम पार्टी के सदस्यों ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रधानमंत्री जब सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे, उसी दौरान तेदेपा के सदस्य आसन के निकट पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। तेदेपा सदस्यों ने ‘वी वांट जस्टिस’, ‘अपना वादा पूरा करो’ और ‘हमें चाहिए स्पेशल स्टेटस’ के नारे लगाए।

बीजद का बहिर्गमन

ओड़ीशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही सदन से बहिर्गमन कर गए। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही लोकसभा में पार्टी के नेता भर्तृहरि मेहताब ने कहा कि ओड़ीशा के साथ केंद्र सरकारें पिछले 14 साल से अन्याय कर रही हैं। इनमें यूपीए सरकार के दस साल के अलावा राजग सरकार के भी चार साल शामिल हैं। इसलिए इस तरह की चर्चा ओड़ीशा की जनता के लिए निरर्थक है।

टीआरएस भी दूर रही
लोकसभा में 11 सदस्यों वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने भी अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया। लोकसभा में पार्टी नेता एपी जितेंद्र रेड्डी ने शुक्रवार सुबह अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई। ये सांसद तेलंगाना के मुख्यमंत्री व पार्टी सुप्रीमो के चंद्रशेखर राव के साथ टेलीफोन पर संपर्क में थे। पार्टी ने मतदान से दूर रहने का फैसला किया।

कमलनाथ रहे गैरहाजिर
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ राजग सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान गैरहाजिर रहे। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कमलनाथ की प्राथमिकता मध्य प्रदेश है और इसलिए वे यहां हैं।

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