Bihar Politics: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सोमवार को पार्टी विधायकों के साथ एक अहम बैठक की है। इसमें विधायकों ने उन्हें पार्टी के विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए अधिकृत किया। नीतीश कुमार ने इस बैठक में ये संकेत दे दिए हैं, कि वे जेडीयू पर अपना कंट्रोल और मजबूत करेगा।

विधायकों के साथ अहम बैठक में नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान शुरू की गई प्रमुख एनडीए (NDA) योजनाओं पर फीडबैक लेने के लिए पूरे राज्य का दौरा करेंगे। बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, जिसके बाद पार्टी के विधायकों के साथ उनकी पहली बैठक है।

विधानसभा परिषद जा सकते हैं निशांत कुमार

खास बात यह भी है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जो कि विधायक नहीं हैं। वे इस बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि, वह बिहार विधान परिषद की खाली होने वाली सीटों में से एक पर अपनी दावेदारी ठोकते हुए नामांकन कर सकते हैं। हालांकि पार्टी ने दो उपमुख्यमंत्री, बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी नियुक्त किए हैं, लेकिन इनमें से किसी को भी अभी तक विधायक दल का नेता नहीं चुना गया है।

नीतीश ने दिखाया – मैं हूं न…

बैठक में शामिल हुए जद(यू) एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने पत्रकारों से कहा, “नीतीश कुमार शायद हमें यह बताने के लिए बैठक में आए थे कि ‘मैं हूं ना’। पार्टी ने उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शुरू की गई कई अग्रणी योजनाओं के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। हमने उन्हें अपना विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत भी किया है।”

जनता से लेंगे फीडबैक

नीतीश कुमार के हवाले से उन्होंने आगे कहा, “कुछ समय बाद वह प्रमुख योजनाओं, जिसमें ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे कार्यक्रम भी शामिल हैं, पर फीडबैक लेने के लिए एनडीए नेताओं के साथ राज्य भर में घूमेंगे।”

जेडीयू एमएलसी ने कहा कि उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार दिल्ली और पटना के बीच अपना समय बिताएंगे और राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ बिहार की एनडीए सरकार का मार्गदर्शन करना जारी रखेंगे।

निशांत कुमार सर्वसम्मत नेता

निशांत कुमार की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर नीरज कुमार ने कहा: “इसमें कोई दो राय नहीं है कि नीतीश कुमार के बाद निशांत कुमार पार्टी के सर्वसम्मत नेता हैं।” इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए।

बता दें कि जेडीयू की यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने राज्य की राजनीति में अपने लंबे दबदबे के बाद सत्ता सहयोगी भाजपा को सौंप दी है, और इस बैठक के जरिए संगठन के भीतर इस बदलाव को लेकर असंतोष को दूर करने का प्रयास किया गया है।

क्या सरकार में शामिल होंगे नीतीश कुमार के बेटे निशांत?

बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेता सम्राट चौधरी शपथग्रहण के बाद मुख्यमंत्री बन गए हैं और उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बाद अब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को अपना बड़ा भाई बताया है। पढ़िए पूरी खबर…