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मानव श्रृंखला: नीतीश के कार्यक्रम के रिहर्सल में 12 छात्राएं बेहोश, हाईकोर्ट ने भी सरकार को लगाई फटकार

बिहार सरकार ने 21 जनवरी को दुनिया का सबसे विशालतम यानी 11000 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने का फैसला किया है।

एक अनुमान के मुताबिक इस कार्यक्रम में दोपहर सवा 12 बजे से एक बजे के बीच करीब 2 करोड़ लोग मानव श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी को सफल बनाने के लिए 21 जनवरी को राज्य में मानव श्रृंखला बनवाना चाहते हैं। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। स्कूली बच्चे मानव श्रृंखला के लिए रिहर्सल भी कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के एकंगरसराय के मिडिल स्कूल में रिहर्सल के दौरान 12 छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। बावजूद इसके एक शिक्षक ने उनमें से दो छात्राओं की इस कदर पिटाई कर दी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ जगहों पर तो स्कूल के शिक्षक मानव श्रृंखला में शामिल नहीं होने पर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को साइकिल-पोशाक-छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।

राज्य भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार अपनी छवि चमकाने के लिए पूरे राज्य में जिला शिक्षा अधिकारियों के ऐसे मनमाने आदेश के जरिये प्राथमिक विद्यालय से प्लस-टू स्कूल तक के छात्रों को मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर नामांकन रद करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पांचवीं कक्षा से नीचे के बच्चों को ऐसी मानव श्रृंखला में शामिल नहीं किया जाना चाहिए लेकिन उनसे भी रिहर्सल कराया जा रहा है।

हालांकि, मोदी ने कहा कि भाजपा मानव श्रृंखला का समर्थन करती है लेकिन इसके लिए स्कूली बच्चों से जबरदस्ती करना और पांच घंटे तक पूरे राज्य में सड़क यातायात को बंद कराना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी बर्बरतापूर्वक श्रृंखला के लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, शिक्षा मित्र, विकास मित्र और जीविका की महिला सदस्यों को वेतन काटने और पंचायती राज प्रतिनिधियों को मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

nawal kishore rai, jdu, मानव श्रृंखला बनाने का रिहर्सल करते जनता दल यूनाइडेट के नेतागण (फोटो- फेसबुक)

उधर, पटना हाईकोर्ट ने आज (गुरुवार को) दूसरे दिन भी मानव श्रृंखला बनाने को लेकर राज्य सरकार की मुहिम पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को शुक्रवार को हाजिर होकर पक्ष रखने को कहा है। हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता ने सुनवाई के दौरान बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए पूछा कि किन परिस्थितियों में बच्चों को मानव श्रृंखला में लगाया जा रहा है और कैसे नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को बंद किया जा रहा है। इस पर कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ बच्चे शराब पीते हैं, इस पर कोर्ट ने पूछा कि आपके पास कोई डाटा है क्या। एम्बुलेंस सेवा बहाल करने को लेकर भी कोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा।

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 21 जनवरी को दुनिया का सबसे विशालतम यानी 11000 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने का फैसला किया है। इस दिन सभी सरकारी स्कूलों के बच्चे, सरकारी कर्मचारी और अधिकारी, आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका समेत अन्य कर्मी श्रृंखला में शामिल होंगे। राज्यभर की सड़कों पर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ट्रैफिक बंद रहेगा। एक अनुमान के मुताबिक इस कार्यक्रम में दोपहर सवा 12 बजे से एक बजे के बीच करीब 2 करोड़ लोग मानव श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे। इस इवेंट को कवर करने और उसकी तस्वीर लेने के लिए तीन सैटेलाइट (इनमें से एक विदेशी और दो देशी) चार एयरक्राफ्ट, दो हेलिकॉप्टर और 40 ड्रोन की सेवा लेने का फैसला सरकार ने लिया है।

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