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बिहार: शराबबंदी पर नरम पड़े नीतीश सरकार के तेवर, कानून में किया बदलाव

इससे पहले एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि राज्य के शराबबंदी क़ानून में जल्द संशोधन किया जाएगा।

Author July 11, 2018 9:07 PM
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 39 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने शराबबंदी के कड़े कानूनों में बदलाव करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 के संशोधन को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शराब मिलने पर घर, वाहन और खेत जब्त करने के प्रावधानों में नरमी बरती गई है। साथ ही पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर पचास हजार रुपये का जुर्माना या तीन महीने की कारावास होगी। संशोधन में शराबबंदी कानून के तहत सामूहिक जुर्माना खत्म करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही संशोधन में शराब में हानिकारक पदार्थ मिलाने और इससे मृत्यु होने पर सख्त कानून के प्रस्ताव की मंजूरी दी गई है। ऐसे अपराध पर उम्रकैद या फिर मृत्युदंड की सजा हो सकती है। इसके साथ ही तीन साल की सजा पूरी कर चुके लोग जेल से बाहर निकलेंगे।

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बता दें कि इससे पहले एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि राज्य के शराबबंदी क़ानून में जल्द संशोधन किया जाएगा। नीतीश ने कहा था कि ‘कब कहां क्या ज़रूरत है, सुधार की क्या-क्या अवश्यकता है, इस पर मंथन चल रहा है। जो भी संशोधन करना है, वह करेंगे।’

दरअसल अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई थी। बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 के मुताबिक, किसी के पास शराब मिलने पर कड़ी सजा का प्रावधान था। जिसमें अगर कोई व्यक्ति शराब की तस्करी करने में महिला या 18 साल से कम उम्र के बच्चों का इस्तेमाल करता है तो उसे कम से दस साल और अधिक से अधिक आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसमें भी आर्थिक तौर पर कम से कम एक लाख और अधिक से अधिक दस लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

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