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धर्मांतरण के लिए ले जाए जा रहे 60 बच्चे मुक्त, 8 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से कथित तौर पर धर्मातरण के लिए नागपुर ले जाए जा रहे 60 आदिवासी बच्चों को रतलाम जिले की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मुक्त करा लिया और इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Author रतलाम (मध्य प्रदेश) | May 23, 2017 4:36 PM
(प्रतीकात्मक फोटो)

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से कथित तौर पर धर्मातरण के लिए नागपुर ले जाए जा रहे 60 आदिवासी बच्चों को रतलाम जिले की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मुक्त करा लिया और इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रतलाम जीआरपी के पुलिस उपाधीक्षक ध्रुवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, “कुछ लोग 60 बच्चों, जिनमें 28 लड़के और 32 लड़कियां थी, को झाबुआ से मेघनगर के रास्ते रेलगाड़ी से रतलाम लाए थे। रविवार रात जीआरपी को कुछ आशंका हुई तो बच्चों से पूछताछ करने पर मामला संदिग्ध लगा।

चौहान के मुताबिक, “इन बच्चों को पिकनिक के बहाने धर्मातरण के मकसद से नागपुर ले जाया जा रहा था, जहां ईसाई समुदाय का कोई बड़ा कार्यक्रम था। बच्चों से पूछताछ और उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को नौ लोगों के खिलाफ धारा 363/34 (बच्चों को बहला फुसलाकर ले जाना) और मप्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।”

चौहान ने कहा, “मंगलवार को आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। इन बच्चों को रतलाम से बस से इंदौर और फिर इंदौर से नागपुर ले जाने की योजना थी। इस काम में थांदला के अमिया पाल व रतलाम की अलकेश की अहम भूमिका थी।

वहीं बीते दिन ही मध्य प्रदेश में तोहफों और अलग..अलग सहूलियतों का लालच देकर आदिवासी समुदाय के 11 नाबालिग बच्चों के धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में पुलिस ने यहां दो लोगों को गिरफ्तार किया है। छोटी ग्वालटोली पुलिस थाने के प्रभारी संजू कामले ने आज बताया कि सरवटे बस अड्डे के पास चार लड़कियों समेत 11 नाबालिग बच्चों को कल रात छुड़ाया गया। इसके साथ ही, अलकेश गढ़ावा और हारच्च्न डावर को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि अलकेश और हारुन पर आरोप है कि वे हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले आदिवासी बच्चों को ईसाई बनाने के लिये बस से नागपुर ले जा रहे थे।

धर्मांतरण के एवज में बच्चों को तोहफों, मुफ्त पढ़ाई और अन्य सहूलियतों का कथित लालच दिया गया था। कामले ने बताया कि पुलिस ने गढ़ावा और डावर के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 363 (अपहरण) और ‘मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968’ की सम्बद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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