निहंग सिखों ने हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डेरा डाल दिया है। निहंग सिख अपनी उस मांग पर अड़े हुए हैं कि उत्तराखंड में गिरफ्तार किए गए उनके चार साथियों को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए। कर्णप्रयाग में 16 जून को पार्किंग विवाद के बाद हुई मारपीट की घटना के चलते पुलिस ने चारों निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।

निहंग सिखों ने शनिवार को एक अहम बैठक की और ऐलान किया कि जब तक गिरफ्तार किए गए चारों निहंगों को नहीं छोड़ा जाता, वे वापस पंजाब नहीं लौटेंगे। इससे पहले निहंग सिखों ने उत्तराखंड के नगरासू में स्थित गुरुद्वारे पर कब्जा करने की कोशिश की थी।

स्थानीय प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और पंजाब से आए निहंग सिखों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद 23 जून को गुरुद्वारा परिसर को खाली कराया गया था।

पुलिस से हुई थी निहंग सिखों की झड़प

अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर निहंग सिखों ने उत्तराखंड में घुसने की कोशिश की थी। उन्हें रोकने के लिए उत्तराखंड की पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए थे। इस दौरान निहंग सिखों की पुलिस के साथ झड़प हुई थी लेकिन फिर भी वे उत्तराखंड में दाखिल हो गए थे। अब वे सिरमौर जिले में स्थित पावंटा साहिब गुरुद्वारे में पहुंच गए हैं और वहां डेरा डाल दिया है।

निहंग सिखों का कहना है कि उत्तराखंड प्रशासन ने उनकी मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार निहंगों को इसके बाद रिहा नहीं किया गया, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।

उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंगों के एक गुट के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। इस घटना में कुछ स्थानीय लोग और एक निहंग सिख घायल हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने एहतियातन उत्तराखंड-हिमाचल के कुल्हाल बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस ने बताया कि सीमा पर आवाजाही सामान्य है लेकिन लगातार नजर रखी जा रही है।

अदालत का रूख कर सकते हैं निहंग

ऐसी भी खबर सामने आई है कि कर्णप्रयाग की घटना के संबंध में गिरफ्तार चार निहंग सिख जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगर अदालत से उन्हें जमानत मिल जाती है तो उत्तराखंड का प्रशासन उन्हें पंजाब लौटने की अनुमति दे सकता है और इससे बीते दिनों पैदा हुए तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब आरोपियों को अदालत से जमानत मिल जाए।

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उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुआ छोटा सा झगड़ा बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। पंजाब और उत्तराखंड दोनों राज्यों में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा के चुनाव होने हैं और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार होने के चलते उसके सामने इस मामले में चुनौतियां ज्यादा हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।